गोहाना (सोनीपत), 26 अक्टूबर। भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय खानपुर कलां में सोमवार को चौथे दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में विश्वविद्यालय के कुलाधिपति एवं हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर हरियाणा की प्रथम महिला मित्रा घोष भी उपस्थित रहीं।

राज्यपाल ने उपाधि प्राप्त करने वाली छात्राओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने छात्राओं की सफलता में योगदान देने वाले शिक्षकों और अभिभावकों के समर्पण एवं मार्गदर्शन की भी सराहना की.

राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने कहा कि भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय ग्रामीण महिलाओं की शिक्षा और सशक्तिकरण के क्षेत्र में विशेष स्थान रखता है। वर्ष 1936 में भगत फूल सिंह द्वारा केवल तीन छात्राओं के साथ शुरू किया गया कन्या गुरुकुल आज एक ऐसे विश्वविद्यालय के रूप में विकसित हो चुका है, जहां छह हजार से अधिक युवतियां शिक्षा प्राप्त कर रही हैं। यह संस्थान ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।


उन्होंने कहा कि महिलाओं की प्रगति के बिना राष्ट्र की समृद्धि की कल्पना नहीं की जा सकती। आज बेटियां शिक्षा, विज्ञान, तकनीक, खेल, प्रशासन और राष्ट्रीय सुरक्षा सहित प्रत्येक क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परिचय दे रही हैं। हरियाणा की बेटियों ने भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी उपलब्धियों से प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि प्रतिभा किसी लिंग या भौगोलिक सीमा की मोहताज नहीं होती, बल्कि उचित अवसर और मार्गदर्शन मिलने पर बेटियां हर क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकती हैं।

राज्यपाल ने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि शिक्षा केवल रोजगार प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह चरित्र निर्माण, आत्मविश्वास, करुणा और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का सशक्त साधन भी है। उन्होंने उपाधि प्राप्त करने वाली छात्राओं से आह्वान किया कि वे अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग व्यक्तिगत उन्नति के साथ-साथ समाज के कल्याण के लिए भी करें। उनकी सफलता ग्रामीण और वंचित परिवारों की अन्य बेटियों के लिए प्रेरणा बने तथा वे भी उच्च शिक्षा प्राप्त कर अपने सपनों को साकार करने के लिए आगे आएं।

गरीब और वंचित परिवारों की बेटियों को शिक्षा के समान अवसर देना जरूरी

राज्यपाल ने कहा कि कोई भी ग्रामीण लड़की गरीबी, सामाजिक पूर्वाग्रहों या सहयोग की कमी के कारण शिक्षा से वंचित नहीं रहनी चाहिए। इसके लिए अभिभावकों, शिक्षण संस्थानों और समाज को मिलकर ऐसा वातावरण तैयार करना होगा, जहां प्रत्येक बेटी को उच्च शिक्षा प्राप्त करने, कौशल विकसित करने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के अवसर मिलें। उन्होंने कहा कि बेटियों की शिक्षा परिवार और समाज के भविष्य में किया गया सबसे महत्वपूर्ण निवेश है।

उन्होंने छात्राओं से अपने गांवों और कस्बों में शिक्षा एवं सशक्तिकरण की अलख जगाने का आह्वान करते हुए कहा कि उनकी उपलब्धियां दूसरी बेटियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा दें। जब बेटी शिक्षित होती है तो पूरा परिवार मजबूत होता है और जब महिलाएं आत्मनिर्भर बनती हैं तो समाज प्रगति करता है। उन्होंने विश्वास जताया कि भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय की छात्राएं शिक्षा, आत्मनिर्भरता और राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देंगी।

बेटियां आत्मविश्वास, स्वावलंबन और नेतृत्व के साथ देश के विकास में निभाएंगी अहम भूमिका : शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा

हरियाणा के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल डिग्री प्राप्त करने का अवसर नहीं, बल्कि सपनों को साकार करने और जीवन की नई शुरुआत करने का महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने कहा कि भगत फूल सिंह द्वारा वर्षों पहले जलाया गया शिक्षा का दीप आज बेटियों ने मशाल में बदल दिया है, जिसकी रोशनी पूरे देश को दिशा दे रही है। यह विश्वविद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि संस्कार, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। यहां से छात्राएं डिग्री के साथ नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और स्वावलंबन लेकर निकल रही हैं। उन्होंने छात्राओं से आह्वान किया कि वे अपने लक्ष्य ऊंचे रखें, चुनौतियों से न घबराएं और अपने माता-पिता, शिक्षकों तथा विश्वविद्यालय का नाम रोशन करें। शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प लिया है, जिसे साकार करने में युवाओं और विशेष रूप से शिक्षित बेटियों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। उन्होंने कहा कि सरकार बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को प्राथमिकता दे रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा में बेटियों को उच्च शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने के लिए मुफ्त बस सेवा, छात्रवृत्ति और सुरक्षा जैसी सुविधाओं पर जोर दिया जा रहा है। नई शिक्षा नीति के माध्यम से शिक्षा को रोजगारपरक, कौशल आधारित और संस्कारयुक्त बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने

बेटियों की शिक्षा और संस्कारों से मजबूत होगा राष्ट्र, महिला सशक्तिकरण से मिलेगी विकास को नई गति : डॉ. अरविंद शर्मा

हरियाणा के सहकारिता, कारागार, पर्यटन, निर्वाचन एवं विरासत मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने दीक्षांत समारोह में उपाधि प्राप्त करने वाली छात्राओं एवं शोधार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि बेटियों की मेहनत, अभिभावकों के त्याग और शिक्षकों के समर्पण से ही यह गौरवपूर्ण अवसर संभव हुआ है। उन्होंने कहा कि बेटियों को शिक्षित करना केवल एक परिवार की उन्नति नहीं, बल्कि पूरे समाज और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की नींव है। उन्होंने छात्राओं से अपनी निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत करने, आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने और प्रत्येक क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने का आह्वान किया। डॉ. शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महिला सशक्तिकरण के संकल्प को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार आगे बढ़ा रही है। आज बेटियां सेना, वायुसेना, नौसेना, विमानन, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में अपनी योग्यता साबित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ संस्कारों का समावेश भी उतना ही आवश्यक है, क्योंकि अच्छे संस्कार व्यक्ति को जिम्मेदार नागरिक बनाते हैं। इस दौरान सहकारिता मंत्री ने विश्वविद्यालय में लाइब्रेरी के लिए 11 लाख रुपए देने की घोषणा की।

इस मौके पर डॉ रीटा शर्मा, बीपीएस महिला विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुदेश, रजिस्ट्रार प्रो. शिवालिक यादव, भाजपा जिला अध्यक्ष गोहाना बिजेंद्र मलिक सहित अनेक शिक्षकगण व गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।