जुलाना। हरियाणा दिवस पर प्रदेश के खेल जगत से दुखद खबर सामने आई। जींद जिले के जुलाना क्षेत्र के गांव शादीपुर निवासी पूर्व राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी मास्टर धर्मपाल लाठर का 85 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। वह लंबे समय से अस्वस्थ थे। उनके जाने से खेल प्रेमियों और क्षेत्र के लोगों में शोक है।
धर्मपाल लाठर ने अपने खेल जीवन में मेहनत और अनुशासन के दम पर खास पहचान बनाई थी। उन्हें हॉकी के महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद से प्रशिक्षण लेने का अवसर मिला था। पटियाला में उन्होंने मेजर ध्यानचंद से हॉकी की बारीकियां सीखीं और आगे चलकर प्रदेश की टीम में अपनी जगह बनाई।
छह साल तक हरियाणा हॉकी टीम का रहे हिस्सा
धर्मपाल लाठर के पोते नीरज के मुताबिक, उनके दादा 1969 से 1974 तक हरियाणा की हॉकी टीम में शामिल रहे। इस दौरान उन्होंने दो साल तक टीम की कप्तानी भी की। उनके नेतृत्व में हरियाणा की टीम ने 1971 में गोल्ड मेडल जीता था।
उस दौर में खिलाड़ियों के पास आज जैसी आधुनिक सुविधाएं नहीं थीं। इसके बावजूद धर्मपाल लाठर ने अपनी मेहनत और खेल के प्रति लगन से राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई।
मेजर ध्यानचंद से ली थी ट्रेनिंग
धर्मपाल लाठर ने पटियाला में हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद से प्रशिक्षण प्राप्त किया था। उनके खेल और समर्पण को देखते हुए उन्हें राजकीय स्कूल में पीटीआई के पद पर नौकरी भी मिली। वह युवाओं को खेलों में आगे बढ़ने और अनुशासन के साथ मेहनत करने के लिए प्रेरित करते थे।
परिवार में छोड़ गए पत्नी, दो बेटे और पोते
धर्मपाल लाठर अपने पीछे 70 वर्षीय पत्नी अंगूरी देवी, दो बेटे यशपाल और रजनीश, पुत्रवधु सुदेश और निर्मला, पोते नीरज और विवेक, पोत्रवधु अंजू और अन्नु तथा पड़पोते यशित को छोड़ गए हैं।
उनके निधन से शादीपुर गांव के साथ जुलाना क्षेत्र में भी शोक का माहौल है। खेल जगत से जुड़े लोग उन्हें एक अनुभवी खिलाड़ी और हॉकी के प्रति समर्पित व्यक्तित्व के रूप में याद कर रहे हैं।

