पानीपत में हुए करीब 10 करोड़ रुपये के चर्चित फर्जी श्रमिक कार्ड घोटाले में स्टेट क्राइम ब्रांच ने श्रम विभाग के दो कंप्यूटर ऑपरेटरों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद से विभाग के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है।

पानीपत। करीब 10 करोड़ रुपये के चर्चित फर्जी श्रमिक कार्ड घोटाले की जांच में स्टेट क्राइम ब्रांच को बड़ी सफलता मिली है। जांच टीम ने श्रम विभाग के दो कंप्यूटर ऑपरेटर सागर पूनिया और कमल सैनी को गिरफ्तार किया है। लगातार हो रही कार्रवाई के बाद विभाग के अन्य कर्मचारियों और अधिकारियों में भी हड़कंप मचा हुआ है।

स्टेट क्राइम ब्रांच के अनुसार, तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर बुधवार को समालखा के डिडवाड़ी गांव से कंप्यूटर ऑपरेटर सागर पूनिया को गिरफ्तार किया गया। गुरुवार को उसे अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। इससे पहले 22 जून को अंबाला के शहजादपुर क्षेत्र के घड़ौली निवासी कंप्यूटर ऑपरेटर कमल सैनी को गिरफ्तार किया गया था।

कमल सैनी को अदालत से एक दिन के पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई, जिसमें घोटाले से जुड़े कई अहम सुराग जांच एजेंसी के हाथ लगे। रिमांड पूरा होने के बाद उसे भी अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
इस मामले में इससे पहले स्टेट क्राइम ब्रांच श्रम विभाग के सहायक कल्याण अधिकारी नरेंद्र कुमार सिंघल को भी गिरफ्तार कर चुकी है। जांच एजेंसियां अब घोटाले में अन्य कर्मचारियों और अधिकारियों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही हैं।