Haryana Morning News : हरियाणा में आज मौसम, कर्मचारियों की सैलरी, वाहनों की बढ़ती संख्या और पर्यावरण से जुड़े मुद्दे चर्चा में हैं। प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की संभावना है, वहीं सरकारी कर्मचारियों के वेतन संशोधन और दक्षिण हरियाणा में खनन से जुड़े सवाल भी अहम हैं।

1. हरियाणा में आज फिर बारिश का अलर्ट, मंडियों में खुले धान की बढ़ी चिंता

हरियाणा में 29 और 30 अक्टूबर को मौसम खराब रहने की संभावना है। करनाल समेत कुछ इलाकों में गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश के साथ ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है। धान खरीद के सीजन में मंडियों में खुले में रखी उपज को सुरक्षित रखना किसानों और आढ़तियों के लिए चुनौती बन सकता है। किसानों को धान और कटी हुई फसल को तिरपाल से ढककर रखने की सलाह दी गई है।

2. हरियाणा के 1.15 लाख से ज्यादा कर्मचारियों की सैलरी में 5% बढ़ोतरी

हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRNL) के तहत काम करने वाले 1.15 लाख से अधिक अनुबंधित और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के वेतन में 5 प्रतिशत बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई है। संशोधित वेतन दरें 1 जुलाई 2026 से प्रभावी मानी जाएंगी। कर्मचारियों को जुलाई से अक्टूबर तक चार महीने का एरियर भी मिलने की व्यवस्था है। वेतन में वास्तविक बढ़ोतरी कर्मचारी के मौजूदा बेस रेट, अनुभव और जिले की श्रेणी के आधार पर तय होगी।

3. हरियाणा में पांच साल में 46 लाख से ज्यादा नए वाहन पंजीकृत

हरियाणा में वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वर्ष 2022 से अक्टूबर 2026 तक प्रदेश में 46,03,706 नए वाहन पंजीकृत हुए हैं। वर्ष 2026 में अक्टूबर पूरा होने से पहले ही 9.49 लाख से ज्यादा वाहनों का पंजीकरण दर्ज किया गया। गुरुग्राम और फरीदाबाद वाहन पंजीकरण के मामले में आगे हैं। एकल परिवारों की बढ़ती संख्या, आसान वाहन ऋण और निजी परिवहन को प्राथमिकता देना गाड़ियों की मांग बढ़ने की प्रमुख वजहों में शामिल हैं।

4. दक्षिण हरियाणा में खनन पर रोक लगाने की मांग, ग्रामीणों ने उठाए पर्यावरण संबंधी सवाल

चरखी दादरी और महेंद्रगढ़ क्षेत्र के ग्रामीणों तथा पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने खनन से जुड़ी समस्याओं पर चिंता जताई है। ग्रामीणों का आरोप है कि खनन गतिविधियों से पहाड़ियों, भूजल और आसपास की जमीन पर असर पड़ रहा है। सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित अरावली समिति के समक्ष खनन प्रभावित इलाकों में रोक लगाने, क्षतिग्रस्त भूमि के पुनर्वास और संरक्षित क्षेत्रों की सुरक्षा जैसे मुद्दे उठाए गए हैं। समिति अरावली की परिभाषा और सीमांकन से जुड़े विषयों की समीक्षा कर रही है।

5. गुरुग्राम और नूंह में बिजली वितरण लाइसेंस पर रोक, निजी कंपनी की योजना अटकी

हरियाणा में गुरुग्राम और नूंह में निजी बिजली वितरण से जुड़ा मामला फिर चर्चा में है। बिजली नियामक से संबंधित ताजा रिपोर्ट के अनुसार, निजी बिजली वितरण लाइसेंस की प्रक्रिया पर रोक लगाई गई है। इस मुद्दे पर सरकारी बिजली वितरण कंपनियों और निजी क्षेत्र की भागीदारी को लेकर मतभेद सामने आए हैं। मामले में वित्तीय क्षमता, तकनीकी योग्यता और उपभोक्ताओं तक नियमित बिजली पहुंचाने की जिम्मेदारी जैसे पहलुओं पर सवाल उठाए गए हैं।

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