हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कण्ट्रोल ब्यूरो द्वारा अम्बाला के चालक प्रशिक्षण संस्थान में 112वां एक दिवसीय नशा विरोधी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें चालक प्रशिक्षुओं और कर्मचारियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति सचेत करते हुए गुप्त सूचना देने के लिए विशेष हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए।

राजेश वर्मा, अंबाला। हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कण्ट्रोल ब्यूरो के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक संजय कुमार (IPS) के दिशानिर्देशों एवं पुलिस उप-महानिरीक्षक राजेंद्र कुमार मीणा (IPS) के मार्गदर्शन में एक विशेष पहल की गई है। इसके तहत अम्बाला स्थित चालक प्रशिक्षण संस्थान में नशे के विरुद्ध एक दिवसीय 112वां जागरूकता कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। उच्चाधिकारियों के कड़े आदेश पर ब्यूरो के जागरूकता कार्यक्रम एवं पुनर्वास प्रभारी व उप निरीक्षक डॉ. अशोक कुमार वर्मा इस संस्थान में पहुंचे। यह पूरा आयोजन चालक प्रशिक्षण संस्थान के प्रभारी संदीप कुमार एवं अन्य वरिष्ठ कर्मियों की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ, जिसमें भारी संख्या में लोगों ने अपनी भागीदारी दर्ज कराई।

नशा समाज का सबसे बड़ा शत्रु

इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में मुख्य रूप से 56 चालक प्रशिक्षुओं, 5 चालकों और 10 से अधिक संस्थान के अन्य कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। ब्यूरो के पुनर्वास प्रभारी डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए नशे के कारण परिवार, समाज और पूरे राष्ट्र पर पड़ने वाले घातक प्रभावों की जानकारी दी। उन्होंने नैतिक, सामाजिक और आर्थिक पतन के बारे में विस्तार से चर्चा करते हुए बताया कि प्रतिबंधित नशीले पदार्थ मनुष्य के जीवन को भीतर से पूरी तरह निष्क्रिय कर देते हैं। उन्होंने भावुक संदेश देते हुए कहा कि नशा इंसान का सबसे बड़ा दुश्मन है जो शुरुआत में शौक बनकर आता है, लेकिन जीवन का अंत शोक में बदल देता है।

गुप्त सूचना के लिए नंबर जारी

डॉ. वर्मा ने कहा कि यदि नशा अच्छी चीज होती, तो सबसे पहले एक माँ अपने बच्चे को इसे देती। उन्होंने अपील की कि नशा तस्करी या बिक्री की सूचना मिलने पर तुरंत एनसीबी नेशनल हेल्पलाइन 1933, ऑनलाइन शिकायत पोर्टल NCBMANAS.GOV.IN या हरियाणा एनसीबी हेल्पलाइन 90508-91508 पर संपर्क करें। इन टोल-फ्री नंबरों पर सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम और पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित चालकों, प्रशिक्षुओं और कर्मचारियों को जीवनभर नशे से दूर रहने और समाज को नशामुक्त बनाने की पवित्र शपथ दिलाई गई।