चंडीगढ़। हरियाणा में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के बावजूद सरकारी विभागों में रिश्वतखोरी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। सबसे ज्यादा शिकायतें पुलिस और राजस्व विभाग से मिल रही हैं। वर्ष 2026 में अब तक इन दोनों विभागों के 79 अधिकारी और कर्मचारी रिश्वत लेते हुए पकड़े जा चुके हैं। इनमें पुलिस विभाग के 43 और राजस्व विभाग के 36 कर्मचारी शामिल हैं।

एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल अब तक प्रदेश में 176 ट्रैप ऑपरेशन किए जा चुके हैं। आंकड़े बताते हैं कि सरकारी कार्यालयों में रिश्वतखोरी के मामले गंभीर बने हुए हैं। पहले जहां औसतन हर तीसरे दिन एक कर्मचारी रिश्वत लेते पकड़ा जाता था, वहीं अब यह आंकड़ा बढ़कर करीब हर दूसरे दिन तक पहुंच गया है।

पुलिस और राजस्व विभाग में सबसे ज्यादा शिकायतें

प्रदेश के 34 सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतें सामने आई हैं, लेकिन पुलिस और राजस्व विभाग इस सूची में सबसे ऊपर हैं। इन दोनों विभागों का आम लोगों से रोजाना सीधा संपर्क रहता है। पुलिस से जुड़े काम हों या जमीन, राजस्व और अन्य सरकारी प्रक्रियाएं, लोगों को अक्सर इन कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। एसीबी के मुताबिक, इसी वजह से इन विभागों के खिलाफ रिश्वत मांगने की शिकायतें अधिक मिलती हैं।

कार्रवाई बढ़ी तो रिश्वत मांगने का तरीका बदला

एसीबी की लगातार कार्रवाई के बीच रिश्वत मांगने वालों ने अपना तरीका भी बदलना शुरू कर दिया है। अब कई मामलों में अधिकारी और कर्मचारी सीधे रकम मांगने से बचते हैं। इसके बजाय इशारों या दूसरे माध्यमों से रिश्वत का संकेत दिया जाता है। ऐसे मामलों में भ्रष्टाचार साबित करने के लिए ठोस सबूत जुटाना जांच एजेंसियों के सामने बड़ी चुनौती बन गया है।

इससे निपटने के लिए एसीबी ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग, तकनीकी उपकरणों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का सहारा ले रही है।

रिकॉर्डिंग की जांच के लिए एफएसएल से समन्वय

रिश्वत मांगने से जुड़े मामलों में शिकायतकर्ताओं की ओर से उपलब्ध कराई गई रिकॉर्डिंग को कानूनी रूप से मजबूत साक्ष्य बनाने पर भी काम किया जा रहा है। इसके लिए फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) के साथ समन्वय बढ़ाया गया है।

हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार, रिकॉर्डिंग के मूल स्रोत से प्राप्त सामग्री के सत्यापन की व्यवस्था मजबूत की जा रही है, ताकि अदालत में पेश किए जाने वाले डिजिटल साक्ष्यों की विश्वसनीयता बनी रहे।

सीएम साय नहीं, सीएम नायब सैनी ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश

एसीबी के महानिदेशक अरशिंदर सिंह चावला के अनुसार, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की ओर से भ्रष्टाचार के मामलों में किसी तरह की नरमी बरतने का संकेत नहीं मिला है। सरकार ने भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इससे ब्यूरो को बिना दबाव के कार्रवाई करने का माहौल मिला है।

भ्रष्टाचार की शिकायत करने वालों को मिलेगा सम्मान

एसीबी आम लोगों को भ्रष्टाचार के खिलाफ शिकायत करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। ब्यूरो का कहना है कि कई लोग रिश्वत मांगे जाने के बावजूद शिकायत करने से डरते हैं। उन्हें अपनी पहचान उजागर होने और बाद में परेशान किए जाने की आशंका रहती है।

इसी को देखते हुए शिकायतकर्ताओं की पहचान सुरक्षित रखने और शिकायत प्रक्रिया को आसान बनाने पर जोर दिया जा रहा है। जिन लोगों की मदद से भ्रष्ट अधिकारियों को अदालत से सजा दिलाने में सफलता मिली है, उन्हें नकद पुरस्कार और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित भी किया जा रहा है। वर्ष 2021 से ऐसे मामलों में फैसला आने के बाद शिकायतकर्ताओं को सम्मानित करने की प्रक्रिया जारी है।

एसीबी ने लोगों से अपील की है कि सरकारी काम के बदले कोई अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत मांगता है तो डरने के बजाय इसकी शिकायत करें। ब्यूरो का मानना है कि आम लोगों की सक्रिय भागीदारी से ही सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।

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