चंडीगढ़। हरियाणा में सरकारी नौकरी और सेवानिवृत्ति से जुड़े नियमों को लेकर सरकार ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है। अब 58 वर्ष की आयु पूरी कर सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को दोबारा सरकारी सेवा में शामिल करने के मामलों में सख्ती बरती जाएगी। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि जिन कर्मचारियों को सेवा से रिलीव किया जा चुका है, उन्हें दोबारा नियुक्ति नहीं दी जाएगी।

ऐसे पदों पर नए उम्मीदवारों की भर्ती का रास्ता साफ होगा। इस फैसले से उन कर्मचारियों को झटका लग सकता है, जो सेवानिवृत्ति के बाद दोबारा सरकारी विभागों में काम करने की उम्मीद लगाए बैठे थे। वहीं, सरकारी भर्तियों की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए इसे नए अवसरों से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, खाली होने वाले सभी पदों पर तत्काल भर्ती की गारंटी नहीं है।

वित्त विभाग ने सभी प्रशासनिक अधिकारियों को भेजे निर्देशहरियाणा सरकार के वित्त विभाग ने इस संबंध में सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों, जिला उपायुक्तों और एसडीएम को नए कानूनी निर्देशों से अवगत कराया है। विभाग ने एडवोकेट जनरल की कानूनी राय और सुप्रीम कोर्ट में चल रही विशेष अनुमति याचिकाओं (SLP) को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई का रास्ता स्पष्ट किया है।

हरियाणा सरकार ने 3 फरवरी 2026 को हरियाणा सिविल सेवा (सामान्य) नियम, 2016 के नियम 143 में संशोधन किया था। इस अधिसूचना के तहत सेवानिवृत्ति और सेवा विस्तार से जुड़े प्रावधानों में बदलाव किया गया। इसके बाद दिव्यांग और दृष्टिबाधित कर्मचारियों के सेवा विस्तार से संबंधित पुराने प्रावधानों को लेकर भी कानूनी स्थिति बदली।

दिव्यांग कर्मचारियों के मामले में भी बदले नियम

दिव्यांग और दृष्टिबाधित कर्मचारियों के लिए सेवानिवृत्ति के बाद सेवा विस्तार का मामला भी अलग से चर्चा में है। हरियाणा सरकार ने 15 मई 2026 को ऐसे कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति आयु के बाद सेवा विस्तार देने से संबंधित पुराने सरकारी निर्देश वापस लेने का आदेश जारी किया था।

इसलिए दिव्यांग कर्मचारियों के मामले में भी संबंधित नियमों और अदालत के आदेशों को ध्यान में रखना जरूरी होगा। इसे सभी दिव्यांग कर्मचारियों की नौकरी या अन्य सेवा अधिकार समाप्त होने के रूप में नहीं समझना चाहिए।

युवाओं के लिए क्या है इसका मतलब?

सेवानिवृत्त कर्मचारियों को दोबारा सेवा में रखने पर लगाई गई इस रोक से सरकारी विभागों में नए लोगों की नियुक्ति के लिए अवसर बनने की संभावना है। लंबे समय से सरकारी भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं को उम्मीद है कि खाली पदों को नियमित भर्ती प्रक्रिया के जरिए भरा जाएगा।

हालांकि, सरकार के इस फैसले का अर्थ यह नहीं है कि सभी रिक्त पदों पर तुरंत भर्ती का नोटिफिकेशन जारी हो जाएगा। इसके लिए संबंधित विभागों को पदों की आवश्यकता, स्वीकृति और भर्ती प्रक्रिया पूरी करनी होगी।