राई, सोनीपत. हरियाणा खेल विश्वविद्यालय, राई के कुलपति अशोक कुमार (सेवानिवृत्त IPS) के सम्मान में विश्वविद्यालय परिसर में भावभीना विदाई समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के अधिकारियों, शिक्षकों, कोचिंग एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों तथा विद्यार्थियों ने उन्हें भावभीनी विदाई देते हुए उनके आगामी जीवन एवं नई पारी के लिए शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम की शुरुआत विश्वविद्यालय के एक सहायक प्रोफेसर द्वारा अपने अनुभव साझा करने के साथ हुई। उन्होंने विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर पदों पर हुई निष्पक्ष एवं पारदर्शी चयन प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए कुलपति महोदय के नेतृत्व एवं कार्यशैली की सराहना की। इसके उपरांत विश्वविद्यालय के अधिकारियों द्वारा कुलपति अशोक कुमार का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। वहीं, पीजी डिप्लोमा इन स्पोर्ट्स कोचिंग के विद्यार्थियों ने भी अपने संबोधन के माध्यम से कुलपति महोदय के प्रति आभार व्यक्त किया और उनके मार्गदर्शन एवं सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।

इस अवसर पर कुलपति अशोक कुमार के नेतृत्व में विश्वविद्यालय द्वारा हासिल की गई महत्वपूर्ण उपलब्धियों को भी याद किया गया। इनमें मिशन ओलंपिक्स 2036 सम्मेलन का आयोजन, एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज (AIU) से संबद्धता, विश्वविद्यालय द्वारा संचालित पाठ्यक्रमों को UGC से मान्यता, राष्ट्रीय खेल संस्थान (NIS) की समकक्षता प्राप्त करना तथा शारीरिक शिक्षा एवं खेल के क्षेत्र में विद्यार्थी संख्या के आधार पर देश के दूसरे सबसे बड़े विश्वविद्यालय के रूप में उभरना प्रमुख उपलब्धियां रहीं। इसके अतिरिक्त, विश्वविद्यालय द्वारा वर्तमान में 30 पाठ्यक्रमों का संचालन भी उनके कार्यकाल की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल रहा।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने अशोक कुमार के बहुआयामी व्यक्तित्व एवं प्रशासनिक अनुभव पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने तकनीकी शिक्षा के लिए IIT दिल्ली में अध्ययन किया, भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में अपनी सेवाएं दीं और उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक (DGP) के पद से सेवानिवृत्त हुए। इसके पश्चात उन्होंने एक खेल विश्वविद्यालय के कुलपति के रूप में अपनी जिम्मेदारी को भी पूरी निष्ठा एवं कुशलता के साथ निभाया। उनके विभिन्न क्षेत्रों के अनुभव ने विश्वविद्यालय के प्रशासनिक एवं शैक्षणिक विकास को नई दिशा प्रदान की।

अपने संबोधन में कुलपति अशोक कुमार ने भावपूर्ण शब्दों में सभी का धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय में केवल विद्यार्थियों ने ही नहीं, बल्कि उन्होंने स्वयं भी बहुत कुछ नया सीखा है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने उन्हें इस विश्वविद्यालय की कार्यशैली को समझने, यहां कार्य करने और एक नई व्यवस्था का हिस्सा बनने का अवसर प्रदान किया, जिसके लिए वे सदैव आभारी रहेंगे।

उन्होंने मोतीलाल नेहरू स्कूल ऑफ स्पोर्ट्स तथा हरियाणा खेल विश्वविद्यालय के समस्त अधिकारियों, शिक्षण, कोचिंग एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों के प्रति विशेष आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी ने हमेशा एक टीम के रूप में कार्य किया और विश्वविद्यालय के हितों को सर्वोपरि रखा। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को आज जिस मुकाम तक पहुंचाने और इसे एक विशिष्ट ब्रांड वैल्यू के रूप में स्थापित करने में सभी का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि उन्हें बच्चों एवं विद्यार्थियों के बीच रहना हमेशा से पसंद रहा है और यही एक प्रमुख कारण था कि उन्होंने खेल विश्वविद्यालय के कुलपति के रूप में कार्य करने का अवसर स्वीकार किया।

विश्वविद्यालय के आधारभूत ढांचे के विकास पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री जी से विश्वविद्यालय के इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ है। अब इसके निर्माण के लिए एजेंसी भी निर्धारित हो चुकी है और उन्हें उम्मीद है कि विश्वविद्यालय का आधुनिक आधारभूत ढांचा जल्द ही तैयार होगा।

कार्यक्रम के अंत में कुलपति अशोक कुमार के विश्वविद्यालय में बिताए गए समय, उनके निजी जीवन तथा भारतीय पुलिस सेवा के दौरान की महत्वपूर्ण स्मृतियों को समेटे हुए एक विशेष डॉक्यूमेंट्री प्रदर्शित की गई। इसने समारोह को और भी भावुक एवं यादगार बना दिया।
समारोह में विश्वविद्यालय के सभी विद्यार्थी, अधिकारीगण, शिक्षण, कोचिंग एवं गैर-शिक्षण कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने अशोक कुमार के योगदान की सराहना करते हुए उनके आगामी जीवन एवं नई जिम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएं दीं।