चंडीगढ़। पराली जलाने पर रोक के बावजूद कुछ किसान नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। अब ऐसे किसानों पर प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। जींद और कैथल में तीन किसानों को पराली जलाना भारी पड़ गया। दो किसानों पर जुर्माना लगाया गया, जबकि एक किसान के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई। तीनों के भूमि रिकॉर्ड में भी रेड एंट्री कर दी गई है।
जींद जिले के नरवाना क्षेत्र में कृषि विभाग की टीम ने दो किसानों को पराली जलाते हुए पकड़ा। दोनों के खिलाफ अलग-अलग कार्रवाई की गई। किसान प्रदीप कुमार पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। वहीं, किसान सतीश को 5 हजार रुपये का जुर्माना भरना होगा।
सैटेलाइट से मिली जानकारी, मौके पर पहुंची टीम
खेतों में आग लगने की सूचना कृषि विभाग को हरसैक ऐप के जरिए मिली थी। सैटेलाइट से मिली लोकेशन के आधार पर टीम ने खेतों का निरीक्षण किया। मौके पर पराली जलाने की पुष्टि होने के बाद जुर्माने की कार्रवाई की गई।
कैथल में किसान पर एफआईआर
कैथल जिले में भी पराली जलाने का मामला सामने आया है। कृषि विभाग के सहायक कृषि अभियंता जगदीश मलिक के अनुसार, मटौर गांव में किसान सुरेश कुमार ने अपने एक एकड़ खेत में पराली जलाई थी। विभाग ने इसकी पुष्टि होने पर किसान के खिलाफ पुलिस में प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कराई। उस पर 5 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। इस सीजन में कैथल जिले में पराली जलाने का यह पहला मामला बताया गया है।
जमीन के रिकॉर्ड में रेड एंट्री से बढ़ सकती हैं मुश्किलें
तीनों किसानों के भूमि संबंधी राजस्व रिकॉर्ड में रेड एंट्री दर्ज की गई है। इसका असर भविष्य में किसानों को मिलने वाली सरकारी सुविधाओं पर पड़ सकता है। कृषि सब्सिडी और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के साथ-साथ मंडियों में फसल बेचने की प्रक्रिया में भी उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
प्रशासन की इस कार्रवाई से साफ है कि पराली जलाने के मामलों पर नजर रखी जा रही है। सैटेलाइट के जरिए मिलने वाली सूचनाओं के आधार पर खेतों की जांच की जा रही है और नियमों का उल्लंघन मिलने पर कार्रवाई की जा रही है।
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