Haryana Weather Alert : चंडीगढ़। हरियाणा में चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव से मौसम का मिजाज बदल गया है। प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और ठंडी हवाओं का दौर शुरू हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने राज्य के 15 जिलों के लिए आंधी, गरज-चमक और संभावित ओलावृष्टि को लेकर ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, कुछ इलाकों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूलभरी हवाएं चल सकती हैं। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

हरियाणा के इन 15 जिलों में अलर्ट

मौसम केंद्र चंडीगढ़ के मुताबिक, चक्रवात के असर से हरियाणा के मध्य, पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में मौसम अधिक प्रभावित हो सकता है। जिन जिलों के लिए अलर्ट जारी किया गया है, उनमें पंचकूला, अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत, सोनीपत, रोहतक, झज्जर, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल, नूंह, भिवानी, चरखी दादरी और जींद शामिल हैं।

इन क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है। हवा की गति 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। लोगों को मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखने और आंधी के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है।

अक्टूबर में सामान्य से 181 प्रतिशत ज्यादा बारिश

हरियाणा में मानसून की विदाई के बाद भी अक्टूबर में बारिश का सिलसिला जारी है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 1 से 27 अक्टूबर के बीच प्रदेश में औसतन 25.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि इस अवधि का सामान्य औसत 9 मिलीमीटर है। इस तरह बारिश सामान्य से 181 प्रतिशत अधिक रही।

जिलेवार आंकड़ों में सोनीपत सबसे आगे रहा, जहां इस अवधि में 63.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। अक्टूबर में हुई अतिरिक्त बारिश ने मौसम के मिजाज में बदलाव के साथ किसानों की चिंता भी बढ़ाई है।

बावल में न्यूनतम तापमान 13 डिग्री

बारिश और ठंडी हवाओं के चलते प्रदेश में तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। रेवाड़ी जिले के बावल में न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा।

इसके अलावा पंचकूला में न्यूनतम तापमान 13.1 डिग्री, महेंद्रगढ़ में 13.2 डिग्री, नारनौल में 13.5 डिग्री और करनाल में 13.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तापमान में गिरावट के कारण सुबह और रात के समय ठंडक बढ़ने लगी है।

किसानों को फसल सुरक्षित रखने की सलाह

बदलते मौसम को देखते हुए किसानों को खेतों और मंडियों में रखी फसलों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई है। कटी हुई फसल या खुले में रखे अनाज को तिरपाल से ढककर रखें, ताकि बारिश से नुकसान न हो।

तेज हवाएं चलने के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर ढांचों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। आकाशीय बिजली चमकने पर खुले खेतों में रुकने के बजाय सुरक्षित स्थान पर जाना चाहिए।

मौसम विभाग के अलर्ट के बीच लोगों को अपने जिले का ताजा पूर्वानुमान देखते रहने की जरूरत है। आंधी और बारिश के दौरान सावधानी बरतने से जान-माल और फसलों को होने वाले नुकसान का जोखिम कम किया जा सकता है।

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