हजारीबाग। हजारीबाग की ऐतिहासिक झील इन दिनों एक नई पर्यटन परियोजना को लेकर चर्चा में है। नगर निगम झील के सौंदर्यीकरण फेज-2 के तहत यहां फ्लोटिंग रेस्टोरेंट तैयार कर रहा है। प्रशासन की योजना इसे अक्टूबर में दशहरा तक शुरू करने की है। अधिकारियों के मुताबिक, परियोजना का उद्देश्य हजारीबाग में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देना और झील को एक नए आकर्षण के रूप में विकसित करना है।

हालांकि, परियोजना को लेकर पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय कारोबारियों से जुड़े सवाल भी सामने आए हैं। पर्यावरण प्रेमी झील की पारिस्थितिकी को लेकर चिंता जता रहे हैं, जबकि झील किनारे कारोबार करने वाले छोटे दुकानदारों को अपने रोजगार पर असर पड़ने की आशंका है।

पानी पर तैरता होगा दो मंजिला रेस्टोरेंट

फ्लोटिंग रेस्टोरेंट जमीन पर बने सामान्य होटल से अलग होगा। इसे झील के पानी पर तैरने वाले बड़े बजरे या प्लेटफॉर्म पर दो मंजिला ढांचे के रूप में तैयार किया जा रहा है। इसे झील के किनारे से एक छोटे पुल के जरिए जोड़ा जाएगा।

इसमें एक साथ करीब 50 से 70 लोगों के बैठने की व्यवस्था प्रस्तावित है। फैमिली डाइनिंग, कैफेटेरिया और शाम के समय आकर्षक लाइटिंग के साथ लेक-व्यू डिनर जैसी सुविधाएं विकसित करने की योजना है।

नगर निगम के अनुसार, इसे गोरखपुर के रामगढ़ताल और भोपाल की झील में संचालित पर्यटन मॉडल की तर्ज पर पीपीपी मॉडल के तहत संचालित किया जाएगा।

पर्यावरण प्रेमियों को प्रदूषण का डर

परियोजना को लेकर सबसे बड़ा सवाल झील के पर्यावरण और जल गुणवत्ता को लेकर उठाया जा रहा है। पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि हजारीबाग झील सात कृत्रिम झीलों का ऐतिहासिक समूह है और शहर के पारिस्थितिक संतुलन में इसकी अहम भूमिका है।

उनका तर्क है कि रेस्टोरेंट से निकलने वाला तेल, खाद्य अपशिष्ट, बर्तन धोने का पानी या अन्य कचरा यदि झील तक पहुंचा तो प्रदूषण और गाद की समस्या बढ़ सकती है। उनका कहना है कि पर्यटन गतिविधियां शुरू करने से पहले झील की सफाई और गहरीकरण पर पर्याप्त ध्यान दिया जाना चाहिए।

13.97 करोड़ की परियोजना पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

फ्लोटिंग रेस्टोरेंट को लेकर राजनीतिक विरोध भी सामने आया है। कांग्रेस प्रदेश महासचिव सुरजीत नागवाला ने प्रेस वार्ता कर परियोजना की गुणवत्ता और खर्च पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने 13.97 करोड़ रुपये की योजना का तकनीकी और वित्तीय ऑडिट कराने तथा निर्माण कार्य की स्वतंत्र जांच की मांग की है।

हालांकि, नगर निगम ने इन आरोपों को स्वीकार नहीं किया है। निगम का कहना है कि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार कराया जा रहा है।

छोटे दुकानदारों को कारोबार प्रभावित होने की चिंता

झील किनारे वर्षों से फूड स्टॉल लगाने वाले करीब 15 से 20 वेंडर्स भी परियोजना को लेकर चिंतित हैं। उनका कहना है कि फ्लोटिंग रेस्टोरेंट शुरू होने के बाद नगर निगम की ओर से उनके स्टॉल हटाने या कारोबार सीमित करने का फैसला लिया जा सकता है।

वेंडर्स का कहना है कि अगर परियोजना से पर्यटन बढ़ता है तो इसका लाभ छोटे कारोबारियों को भी मिलना चाहिए और उनके रोजगार की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।

प्रशासन को पर्यटन और रोजगार बढ़ने की उम्मीद

जिला प्रशासन का मानना है कि फ्लोटिंग रेस्टोरेंट से हजारीबाग की पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है। अधिकारियों के अनुसार, बाहर से आने वाले पर्यटकों को झील और आसपास के पर्यटन स्थलों की ओर आकर्षित किया जा सकेगा।

प्रशासन का दावा है कि परियोजना से नगर निगम को नियमित किराया मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं। शाम के समय झील क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियां विकसित होने की भी उम्मीद है।

बायो-टॉयलेट और वेस्ट मैनेजमेंट की व्यवस्था का दावा

नगर निगम और प्रशासन के अनुसार, फ्लोटिंग रेस्टोरेंट को पर्यावरणीय मानकों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। इसमें बायो-टॉयलेट, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम और नियमित निगरानी की व्यवस्था रखने की बात कही गई है।

प्रशासन का कहना है कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि रेस्टोरेंट से निकलने वाला कचरा या गंदा पानी झील में न पहुंचे। अब परियोजना के शुरू होने के साथ यह देखना अहम होगा कि पर्यटन विकास, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय कारोबार के बीच किस तरह संतुलन बनाया जाता है।