कुंदन कुमार, पटना। बिहार में कैबिनेट का विस्तार और विभागों का बंटवारा होने के बाद आज 8 मई को एनडीए के मंत्री सुबह से ही अपने-अपने कार्यालय पहुंचकर अपना कार्यभार संभाल रहे हैं। इसी क्रम में जदयू नेता और पूर्व सीएम नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार भी आज स्वास्थ्य विभाग पहुंचे और पदभार ग्रहण किया। इस दौरान मौके पर मौजूद विभागीय अधिकारियों ने फूलों का गुलदस्ता देकर उनका स्वागत किया।
ईमानदारी और मेहनत से करूंगा काम- निशांत
पदभार ग्रहण करने के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कहा कि, जन सेवा करने वाला विभाग मुझे मिला है। मैं अपनी जिम्मेदारी को ईमानदारी और मेहनत से पूरा करने की कोशिश करूंगा। उन्होंने आगे कहा कि, सात निश्चय जो पिताजी की प्राथमिकता थी, उसको लेकर काम करना है। पिताजी ने समृद्धि यात्रा के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने की बात कही थी, उसको पूरा करने की कोशिश करूंगा।
विपक्ष लगा रहा परिवार वाद का आरोप
गौरतलब है कि कल हुए बिहार कैबिनेट विस्तार में कुल 32 मंत्रियों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली, जिसके सीएम और दोनों डिप्टी सीएम को लेते हुए अब मंत्रियों की कुल संख्या 35 हो गई। इनमें 5 महिला मंत्री भी शामिल हैं। वहीं, जदयू से निशांत कुमार और आरएलएम से दिपक प्रकाश ऐसे दो मंत्रियों ने पद की शपथ ली, जो ना तो विधानसभा और ना ही विधानपरिषद के सदस्य हैं। ऐसे में उनके मंत्री बनने पर विपक्ष लगातार परिवारवाद का आरोप लगाते हुए एनडीए सरकार पर हमलावर है।
रोहिणी ने कसा था तंज
कल मंत्री पद की शपथ लेने के बाद राजद सुप्रीमो लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट के माध्यम से निशांत कुमार पर तंज कसा था। रोहिणी ने लिख “बिना चुनाव लड़े चोर दरवाजे से मंत्रिमंडल में शार्टकट इंट्री पाने के लिए भाई निशांत को बधाई-शुभकामनाएं और इंट्री दिलाने के लिए असलियत में अनैतिकता के शिखर पुरुष, मगर ‘स्वयंभू नैतिक पुरुष’ चाचा जी को भी ढेरों बधाई .. 2005 से पहले ई सब भी नहीं होता था चाचा रंगबदलू जी।”
मुकेश सहनी ने भी बोला हमला
वीआईपी सुप्रीमो मुकेश सहनी ने भी परिवारवाद को लेकर बिहार की एनडीए सरकार पर हमला बोला है। सहनी ने कहा कि, राजनीति में मर्यादा और परंपरा का निर्वहन किया जाना चाहिए, लेकिन आज मंत्रिमंडल में ऐसे दो लोग शामिल हैं, जो न तो विधायक हैं और न ही विधान पार्षद, बस बड़े नेताओं के बेटे (निशांत कुमार, दीपक प्रकाश) हैं। यही नहीं मंत्रिमंडल में शामिल तीन मंत्रियों के पुत्र पूर्व में मुख्यमंत्री (संतोष सुमन- जीतन राम मांझी) रह चुके हैं।
उन्होंने बीजेपी से पूछा कि मंत्रिमंडल में कितने युवराजों को स्थान दिया गया है? मुकेश सहनी ने कहा कि किसी भी चीज को लेकर विपक्ष पर ठीकरा फोड़ना अलग बात है, लेकिन हकीकत अलग बात है। आज मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर भाजपा का असली चेहरा सामने आ गया।
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