हेमंत शर्मा, इंदौर। शहर में पूर्वी रिंग रोड और मनमाड़ रेलवे लाइन परियोजना के लिए प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण के खिलाफ किसानों का विरोध सोमवार को और तेज हो गया। बड़ी संख्या में किसान कलेक्टर कार्यालय के बाहर गंजी कंपाउंड में धरने पर बैठ गए।

राशन और खाना बनाने का सामान लेकर पहुंचे

किसानों ने सड़क पर बैठकर चक्का जाम किया और परियोजनाओं को निरस्त करने की मांग उठाई। धरना-प्रदर्शन में पुरुष किसानों के साथ महिलाएं और बच्चे भी शामिल हुए। प्रदर्शन स्थल पर किसान अपने साथ राशन और खाना बनाने का सामान लेकर पहुंचे। आंदोलन को लंबा चलाने की तैयारी के बीच किसानों ने प्रशासन के अधिकारियों को दाल-बाटी खाने का आमंत्रण भी दिया।

उपजाऊ कृषि भूमि अधिग्रहित

किसानों का कहना है कि अधिकारी धरना स्थल पर आकर उनकी स्थिति देखें और उनके साथ बैठकर चर्चा करें। किसानों का आरोप है कि पूर्वी रिंग रोड और मनमाड़ रेलवे लाइन परियोजना के नाम पर उनकी उपजाऊ कृषि भूमि अधिग्रहित की जा रही है। उनका कहना है कि खेती ही उनके परिवारों की आजीविका का मुख्य साधन है और जमीन जाने के बाद उनके सामने रोजगार और जीवनयापन का संकट खड़ा हो जाएगा। धरना स्थल पर मौजूद किसानों ने कहा कि वे कई बार अपनी आपत्तियां प्रशासन के सामने रख चुके हैं, लेकिन उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया। इसी कारण अब उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।

किसी भी कीमत पर अपनी जमीन नहीं छोड़ेंगे

किसानों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक कलेक्टर उनसे मुलाकात कर कोई संतोषजनक निर्णय नहीं लेते, तब तक धरना समाप्त नहीं किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने नारेबाजी कर अपनी मांगों को दोहराया और कहा कि वे किसी भी कीमत पर अपनी जमीन नहीं छोड़ेंगे। आंदोलन को देखते हुए कलेक्टर कार्यालय के आसपास पुलिस बल भी तैनात किया गया है। फिलहाल किसानों का धरना जारी है और सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन किसानों की मांगों पर क्या रुख अपनाता है और इस गतिरोध का समाधान कैसे निकलता है।

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