दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) ने एक महिला की आपराधिक रिट याचिका पर तत्काल सुनवाई करने पर सहमति जताई है। महिला ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के एक्टिविस्ट सौरव दास (Saurav Das), संस्थापक अभिजीत दीपके(Abhijit Deepke), आशुतोष रंका (Ashutosh Ranka) और रत्ना सिंह (Ratna Singh) पर आरोप लगाया है कि उनकी तस्वीरों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के साथ जोड़कर AI की मदद से तैयार और प्रसारित किया गया। महिला की ओर से अदालत को बताया गया कि मामले में FIR पहले ही दर्ज की जा चुकी है और अब वह संबंधित तस्वीरों को हटवाना चाहती है। इसी मांग को लेकर आपराधिक रिट याचिका दायर की गई है। कोर्ट ने कहा कि मामले को आज ही सुनवाई के लिए लिया जाएगा।
बैनर और सोशल मीडिया पर तस्वीर फैलाने का आरोप
याचिका के मुताबिक, कथित तौर पर तैयार की गई तस्वीर के बैनर छपवाकर प्रदर्शन के दौरान भीड़ के बीच प्रदर्शित किए गए। महिला का आरोप है कि उसकी तस्वीर से छेड़छाड़ कर तैयार सामग्री के साथ आपत्तिजनक नारे भी लगाए गए। इसके अलावा तस्वीर और उससे जुड़े वीडियो को इंस्टाग्राम समेत अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज की है।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर नए आंदोलन का ऐलान किया है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने 25 सितंबर को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि अगर ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं तो 2 अक्टूबर से मुंबई में राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू किया जाएगा और इसे देश के अन्य शहरों तक ले जाया जाएगा। CJP ने इससे पहले भी मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग करते हुए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। यह पार्टी का दावा और उसका घोषित कार्यक्रम है; इसके राजनीतिक आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अलग विषय है।
AI से चेहरा बदलकर पोस्टर बनाने का आरोप, जंतर-मंतर पर लहराए
बुध विहार फेज-2 निवासी 25 वर्षीय महिला ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि घटना के बाद से वह मानसिक तनाव और भय की स्थिति से गुजर रही है। दर्ज प्राथमिकी के मुताबिक, महिला का आरोप है कि जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन के दौरान आयोजकों ने उसकी निजी तस्वीरों का कथित तौर पर बिना अनुमति इस्तेमाल किया। शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने डिजिटल मैनिपुलेशन और AI फेस-स्वैपिंग तकनीक का इस्तेमाल कर महिला के चेहरे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक आपत्तिजनक तस्वीर में जोड़ दिया। महिला का दावा है कि इस तरह तैयार किए गए पोस्टरों को प्रदर्शन के दौरान भीड़ के सामने प्रदर्शित किया गया।
महिला ने यह भी आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान उसके खिलाफ अपमानजनक और आपत्तिजनक नारे लगाए गए। शिकायत के मुताबिक, मौके पर पोस्टरों और प्रदर्शन से जुड़े वीडियो भी रिकॉर्ड किए गए और बाद में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित किए गए। पुलिस ने FIR दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
CJP प्रवक्ताओं के नाम शिकायत में शामिल
पीड़िता ने अपनी लिखित शिकायत में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) से जुड़े नेताओं और प्रवक्ताओं अभिजीत दीपके, रत्ना सिंह और सौरव दास समेत कुछ अन्य आयोजकों के नाम का उल्लेख किया है। मामले की जांच कर रहे एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, पीड़िता ने साक्ष्य के तौर पर कुछ तस्वीरें और वीडियो पुलिस को सौंपे हैं। अधिकारी ने बताया कि इन सामग्री में कथित तौर पर ऐसे पोस्टर दिखाई दे रहे हैं, जिन पर महिला का चेहरा डिजिटल तरीके से जोड़ा गया है।
पुलिस अधिकारी के मुताबिक, महिला का दावा है कि उसकी सहमति के बिना उसकी तस्वीरों का इस्तेमाल किया गया। मामले में साइबर पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई है और पुलिस डिजिटल एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित तस्वीरें और वीडियो किसने तैयार किए, उन्हें कहां से हासिल किया गया और सोशल मीडिया पर प्रसारित करने में किन लोगों की भूमिका रही।
डीपफेक कंटेंट हटाने और सुरक्षा की मांग
याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि महिला की कथित मॉर्फ की गई तस्वीरों को कुछ अश्लील वेबसाइटों पर अपलोड और शेयर किया गया। महिला की ओर से दाखिल याचिका के मुताबिक, मामले में FIR दर्ज होने के बावजूद संबंधित साइबर अथॉरिटी की ओर से कथित आपत्तिजनक कंटेंट को हटाने के लिए अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। याचिका में महिला ने दावा किया है कि कथित डीपफेक तस्वीरें अब भी इंटरनेट पर प्रसारित हो रही हैं। उसके मुताबिक, इस वजह से उसे ऑनलाइन धमकियों का सामना करना पड़ रहा है। महिला ने अदालत से अपनी सुरक्षा के लिए पुलिस को आवश्यक निर्देश देने की मांग भी की है। महिला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और अन्य वेबसाइटों पर मौजूद कथित आपत्तिजनक तस्वीरों एवं डीपफेक सामग्री को तत्काल ट्रेस कर ब्लॉक और हटाने के निर्देश देने की मांग की है। मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की डिवीजन बेंच के समक्ष होनी है। अदालत ने मामले को आज सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने के निर्देश दिए हैं।
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m


