लातेहार। झारखंड का सबसे ऊंचा जलप्रपात लोध फॉल इन दिनों लगातार हो रही बारिश के कारण पूरे शबाब पर है। जलप्रपात का जलस्तर और जलप्रवाह बढ़ने से इसका नजारा बेहद आकर्षक हो गया है। बड़ी संख्या में पर्यटक इसकी खूबसूरती देखने पहुंच रहे हैं। हालांकि, बढ़ते जलप्रवाह को देखते हुए वन विभाग ने पर्यटकों की सुरक्षा के लिए बड़ा कदम उठाया है।
पलामू व्याघ्र परियोजना के दक्षिणी प्रमंडल के उप निदेशक के आदेश पर लोध फॉल में बने लकड़ी के पुल पर पर्यटकों की आवाजाही पर अगले आदेश तक रोक लगा दी गई है।
प्रतिबंधित क्षेत्र में जाने पर लगेगा जुर्माना
वन विभाग ने पर्यटकों को सावधान करने के लिए मौके पर सुरक्षा संबंधी साइन बोर्ड भी लगाया है। इसमें स्पष्ट रूप से प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश नहीं करने की चेतावनी दी गई है। नियमों का उल्लंघन करने पर 1,000 रुपये का आर्थिक दंड लगाने के साथ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक लगातार बारिश के कारण लोध फॉल का जलप्रवाह काफी तेज हो गया है। ऐसी स्थिति में लकड़ी के पुल और आसपास के क्षेत्र में पर्यटकों की आवाजाही खतरनाक साबित हो सकती है। संभावित दुर्घटना को रोकने के लिए यह प्रतिबंध लगाया गया है।
बारिश में और खूबसूरत हुआ लोध फॉल
प्रतिबंध के बावजूद लोध फॉल की प्राकृतिक खूबसूरती पर्यटकों को आकर्षित कर रही है। बारिश के बाद जलप्रपात का रौद्र और मनमोहक स्वरूप देखने लायक हो गया है। तेज जलधारा और आसपास का हराभरा वातावरण लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
वन विभाग ने पर्यटकों से अपील की है कि वे सुरक्षा निर्देशों का पालन करें और प्रतिबंधित क्षेत्र में जाने से बचें। अधिकारियों का कहना है कि पर्यटकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और जलस्तर सामान्य होने तक सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।


