पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर अधिवक्ताओं ने आंदोलन को नई दिशा देने की तैयारी की है. 22 जिलों के युवा अधिवक्ता सोशल मीडिया और तकनीक के जरिए इस मुद्दे को उठाने की योजना बना रहे हैं.

मेरठ. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर अधिवक्ताओं का आंदोलन जारी है. अब 22 जिलों के युवा अधिवक्ताओं को जोड़कर सोशल मीडिया और तकनीक के जरिए अभियान चलाने की तैयारी की जा रही है. अधिवक्ताओं का कहना है कि इस माध्यम से आम लोगों को पश्चिमी यूपी में हाईकोर्ट बेंच की मांग और इसकी जरूरत के बारे में जानकारी दी जाएगी.

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिवक्ता करीब 50 वर्षों से हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर आंदोलन करते रहे हैं. हाल में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हुई मुलाकात के बाद अधिवक्ताओं ने आंदोलन को आगे बढ़ाने की रणनीति पर चर्चा की है. मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने बेंच स्थापना के मामले को सुप्रीम कोर्ट के अधिकार क्षेत्र से जुड़ा बताया और इस संबंध में कोई स्पष्ट आश्वासन नहीं दिया.

युवा वकीलों पर फोकस

अधिवक्ताओं के मुताबिक पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 22 जिलों में दो लाख से अधिक अधिवक्ता हैं. इनमें बड़ी संख्या युवा वकीलों की है. अब युवा अधिवक्ताओं को अभियान से जोड़कर सोशल मीडिया पर नियमित गतिविधियां चलाने की योजना बनाई गई है.

अधिवक्ताओं का कहना है कि पहले इस मांग को लेकर जेल भरो आंदोलन, पश्चिमी उत्तर प्रदेश बंद, पैदल मार्च, जनसभाएं और अन्य विरोध कार्यक्रम किए जा चुके हैं. शनिवार को न्यायिक कार्य से विरत रहने की परंपरा के तहत भी आंदोलन जारी रहा है.

सीएम से मुलाकात का मुद्दा

मेरठ बार एसोसिएशन के महामंत्री परवेज आलम के मुताबिक मुख्यमंत्री से अधिवक्ताओं की करीब 20 मिनट बातचीत हुई, लेकिन कोई रास्ता नहीं निकला. अधिवक्ताओं का कहना है कि वे लंबे समय से केंद्र और प्रदेश सरकार के स्तर पर इस मांग को उठाते रहे हैं.

हालिया आम सभा में भी मुख्यमंत्री से हुई मुलाकात का मुद्दा सामने आया था. रिपोर्टों के अनुसार, इसके बाद अधिवक्ताओं ने आंदोलन को और तेज करने तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 22 जिलों के बार एसोसिएशनों को साथ जोड़ने पर जोर दिया.

लद्दाख का भी हवाला

हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर अधिवक्ता लद्दाख में बेंच स्थापना के फैसले का भी हवाला दे रहे हैं. अगस्त में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिवक्ताओं ने लद्दाख और कोल्हापुर में हाईकोर्ट बेंच से जुड़ी केंद्र सरकार की घोषणा के बाद अपनी मांग को लेकर फिर रणनीति बनाने की बात कही थी.

अधिवक्ताओं का कहना है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के वादकारियों को इलाहाबाद स्थित हाईकोर्ट तक जाना पड़ता है, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ते हैं. इसी आधार पर वे क्षेत्र में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना की मांग कर रहे हैं.

सोशल मीडिया पर अभियान

मेरठ बार एसोसिएशन से जुड़ी अधिवक्ता अना ने कहा कि युवा वकील भी अब इस मांग को प्रमुखता से उठाएंगे. उनके मुताबिक सोशल मीडिया के जरिए रोजाना अलग-अलग गतिविधियों के माध्यम से लोगों तक यह मुद्दा पहुंचाने की कोशिश की जाएगी.

अधिवक्ताओं का कहना है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सभी 22 जिलों के युवा वकीलों को इस अभियान से जोड़ने की तैयारी है. आंदोलन की आगामी रणनीति में न्याय यात्रा और अन्य कार्यक्रमों पर भी पहले चर्चा हो चुकी है.