Rajasthan Panchayat Election: राजस्थान हाईकोर्ट ने पंचायत चुनाव से जुड़े विभिन्न मामलों, आरक्षण लॉटरी प्रक्रिया और मतदाता सूची में नाम की स्थिति को चुनौती देने वाली दो दर्जन याचिकाएं खारिज कर दी हैं। जस्टिस आनंद शर्मा की अदालत ने सुनवाई के दौरान कहा कि चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के इस चरण में न्यायालय हस्तक्षेप नहीं कर सकता। यह फैसला ऐसे समय आया है, जब पंचायत चुनाव के दो चरणों का मतदान पूरा हो चुका है और तीसरे चरण का मतदान होना बाकी है।

आरक्षण और मतदाता सूची को लेकर उठाए गए थे सवाल

याचिकाकर्ताओं ने पंचायत चुनाव से जुड़े अलग-अलग मुद्दों को अदालत में उठाया था। कुछ याचिकाओं में आरक्षण के लिए अपनाई गई लॉटरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए गए थे, जबकि कुछ में मतदाता सूची में नाम गलत स्थान पर दर्ज होने की शिकायत की गई थी। याचिकाकर्ताओं की मांग थी कि इन गड़बड़ियों को ठीक किया जाए।

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता कपिल प्रकाश माथुर ने पक्ष रखा। उन्होंने अदालत को बताया कि पंचायती राज चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। पहले दो चरणों का मतदान संपन्न हो गया है और अब तीसरे चरण का मतदान होना है। मतदाता सूचियां भी तैयार हो चुकी हैं, जिनमें अब बदलाव संभव नहीं है।

नोटिफिकेशन जारी नहीं होने की दलील पर अदालत की टिप्पणी

याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील दी गई कि चुनाव को लेकर अभी तक आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है। इस पर अदालत ने स्पष्ट किया कि नोटिफिकेशन भी चुनाव प्रक्रिया का हिस्सा है। चुनाव प्रक्रिया जिस चरण में पहुंच चुकी है, वहां अदालत का हस्तक्षेप उचित नहीं है। इसी आधार पर अदालत ने पंचायत चुनाव को चुनौती देने वाली दो दर्जन याचिकाओं को खारिज कर दिया।

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