विनोद सैनी, हिसार। हिसार जिले में खाद की उपलब्धता को लेकर किसानों के बीच किसी प्रकार की चिंता की आवश्यकता नहीं है। कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में यूरिया और डीएपी सहित सभी प्रमुख उर्वरकों का पर्याप्त भंडार मौजूद है। साथ ही खाद की कालाबाज़ारी पर रोक लगाने के लिए विभाग ने विशेष निगरानी व्यवस्था लागू की है।
कृषि अधिकारी अरुण यादव ने बताया कि वर्तमान सीजन में हिसार में खाद की कालाबाज़ारी का कोई मामला सामने नहीं आया है। उर्वरकों की आपूर्ति और वितरण प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए विभाग ने व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम शुरू किया है। इसके माध्यम से रेल हेड से लेकर थोक विक्रेता, डीलर और अंततः किसान तक खाद की हर खेप पर नजर रखी जा रही है।
उन्होंने बताया कि हाल ही में कृषि मंत्री, अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) और कृषि विभाग के निदेशक के साथ हुई बैठक में खाद वितरण को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इनके अनुसार कुल खाद वितरण का 60 प्रतिशत हिस्सा सहकारिता विभाग एवं कोऑपरेटिव सोसायटियों के माध्यम से तथा 40 प्रतिशत हिस्सा निजी डीलरों के जरिए किसानों तक पहुंचाया जाएगा।
अरुण यादव ने बताया कि जिले में अब तक करीब 40 हजार मीट्रिक टन यूरिया पहुंच चुका है, जो पिछले वर्षों की तुलना में अधिक है। इसके अलावा लगभग 7 हजार मीट्रिक टन डीएपी भी उपलब्ध कराया जा चुका है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी खाद की आपूर्ति सुचारु रूप से जारी रहेगी।

कृषि अधिकारी ने किसानों से अपील की कि वे खाद की कमी को लेकर किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और न ही अनावश्यक रूप से खाद का भंडारण करें। उन्होंने किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए भी प्रेरित किया तथा बताया कि सरकार और कृषि विभाग की ओर से प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं और अनुदान उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
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