हिसार। ऋषि नगर में झाड़ियों के बीच मिले नवजात को लेकर शुरू हुई पुलिस जांच करीब ढाई महीने बाद गोहाना तक पहुंची है। पुलिस ने मामले में गीता नाम की एक महिला को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गीता गोहाना के बड़ौदा रोड पर ‘कृष्णा क्लिनिक’ के नाम से क्लिनिक चला रही थी और उसने गर्भवती युवती को गर्भपात की दवा उपलब्ध कराई थी। पुलिस ने उसे अदालत में पेश किया, जहां से न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
पुलिस जांच में सामने आया कि इस पूरे मामले की शुरुआत एक युवक और युवती के बीच चल रहे प्रेम संबंध से हुई थी। पुलिस के मुताबिक दोनों के बीच कई वर्षों से संबंध थे। युवती के गर्भवती होने के बाद दोनों कथित तौर पर लोकलाज के डर से परेशान थे। आरोप है कि बच्चे के जन्म के बाद नवजात को हिसार के ऋषि नगर इलाके में झाड़ियों के पास छोड़ दिया गया।
मामला 8 जुलाई 2026 को सामने आया था। ऋषि नगर क्षेत्र में झाड़ियों के पास नवजात के पड़े होने की सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बच्चे को सुरक्षित अपने कब्जे में लिया। नवजात को आवश्यक चिकित्सकीय सहायता दिलाने के बाद पुलिस ने यह पता लगाने के लिए जांच शुरू की कि बच्चे को वहां कौन छोड़कर गया था।
जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने अनिल कुमार निवासी गांव नियाणा और युवती को इस मामले में गिरफ्तार किया। पूछताछ तथा जांच के दौरान पुलिस को उस महिला के बारे में जानकारी मिली, जिसने युवती को गर्भपात की दवा उपलब्ध कराई थी। इसके बाद पुलिस टीम ने गोहाना में कार्रवाई करते हुए गीता को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस का कहना है कि गीता जिस क्लिनिक को चला रही थी, उसके संचालन और गर्भपात की दवा उपलब्ध कराने से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है। मामले में पुलिस अन्य कड़ियों को भी खंगाल रही है। नवजात को जन्म के बाद झाड़ियों में छोड़ने की परिस्थितियों और इस पूरे घटनाक्रम में शामिल लोगों की भूमिका को लेकर जांच जारी है।
- Asian Games में MP के जय मीणा ने रचा इतिहास: सॉफ्ट टेनिस में भारत को दिलाया पहला मेडल, कभी बॉल बॉय के रूप में की थी शुरुआत
- VC-रजिस्ट्रार की कार्यप्रणाली पर सवाल, पप्पू यादव बोले- सिलेबस से बाहर के आ रहे सवाल, शिक्षा के नाम पर हो रहा बड़ा घोटाला
- Hyundai Bayon : भारतीय ऑटो बाजार में जल्द होगी एक और नई SUV की एंट्री, जानें बुकिंग डिटेल्स और फीचर्स
- 8th Pay Commission Update: मुंबई में बैठक की तारीख तय, 10 अक्टूबर तक आवेदन…
- अवैध उत्खनन का खेल: मगरमच्छ के खौफ से रुकी ‘राजस्व’ की जांच, जंगल किनारे बेखौफ चला ‘खनन माफिया’ का राज



