Hisar News : हरियाणा के हिसार में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने कार्रवाई करते हुए चौधरीवास गांव के सरपंच अशोक कुमार को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि सरपंच ने एक दाल मिल संचालक से बैंक लोन की सीमा बढ़वाने के लिए जरूरी अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) पर हस्ताक्षर करने के बदले 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। शिकायत मिलने के बाद टीम ने जाल बिछाया और शनिवार शाम सरपंच को उसके घर से पकड़ लिया।

बैंक लोन की लिमिट बढ़वाने के लिए चाहिए था NOC

शिकायतकर्ता नवीन गर्ग, जो सिवानी तहसील के बड़वा गांव के निवासी हैं, ने चौधरीवास गांव के कालवास रोड पर दाल मिल और अनाज कारोबार से जुड़ी कंपनी स्थापित की है। उन्होंने बैंक ऑफ बड़ौदा में अपनी लोन लिमिट बढ़ाने के लिए आवेदन किया था।

इस प्रक्रिया के लिए ग्राम पंचायत से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना जरूरी था। इस प्रमाण पत्र में यह पुष्टि होनी थी कि दाल मिल गांव की आबादी से बाहर है और इसके संचालन से ग्रामीणों को कोई आपत्ति नहीं है।

आरोप है कि इसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने के बदले सरपंच अशोक कुमार ने 50 हजार रुपये मांगे। शिकायतकर्ता के मुताबिक, शुक्रवार को सरपंच से मुलाकात के दौरान रकम लाने को कहा गया था।

शिकायत के बाद ACB ने बिछाया जाल

शिकायतकर्ता ने शनिवार को ACB कार्यालय पहुंचकर मामले की जानकारी दी। इसके बाद अधिकारियों ने कार्रवाई की योजना बनाई और ड्यूटी मजिस्ट्रेट संजीव कुमार त्यागी को साथ लेकर टीम ने ट्रैप लगाया।

शनिवार शाम करीब पौने पांच बजे टीम ने सरपंच को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। ACB अधिकारी के अनुसार, तलाशी के दौरान उसकी जेब से 50 हजार रुपये बरामद किए गए। मामले में आरोपी से पूछताछ की जा रही है और जांच जारी है।

विधायक रणधीर पनिहार से करीबी की भी चर्चा

गिरफ्तार सरपंच अशोक कुमार को नलवा से भाजपा विधायक रणधीर पनिहार का करीबी बताया जाता है। दोनों पहले भी कई सार्वजनिक कार्यक्रमों में साथ दिखाई दिए हैं। 22 सितंबर को चौधरीवास गांव में शौचालय और वाटर कूलर के उद्घाटन कार्यक्रम में भी सरपंच विधायक के साथ मौजूद था।

हालांकि, विधायक से कथित नजदीकी का रिश्वत के मामले में किसी तरह का संबंध सामने आने की जानकारी नहीं दी गई है।

शौचालय के नाम वाले पत्थर पर भी हुआ था विवाद

चौधरीवास गांव में शौचालय के उद्घाटन के दौरान लगाए गए एक पत्थर को लेकर पहले भी विवाद हुआ था। पत्थर पर ‘युग पुरुष स्वर्गीय भजनलाल चौक’ लिखे जाने पर कुछ लोगों ने आपत्ति जताई थी। उस समय विधायक रणधीर पनिहार ने सरपंच का बचाव करते हुए कहा था कि शौचालय बनवाना गलत नहीं है और पत्थर पर चौधरी भजनलाल चौक लिखा गया है।

फिलहाल, सरपंच की गिरफ्तारी के बाद ACB मामले की जांच कर रही है। रिश्वत के आरोपों से जुड़े तथ्यों की पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया के तहत होगी।

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