Dharm Desk :- घर के आंगन या बालकनी में लगे गमलों में रंग-बिरंगे फूल और लहलहाते हरे-भरे पौधे देखना हर किसी को पसंद होता है।अक्सर लोग पौधों की सही देखभाल और पोषण के लिए बाजार में मिलने वाली महंगी रासायनिक खादों पर आश्रित हो जाते हैं। वैसे ये रसायन कुछ समय के लिए तो असर दिखाते हैं।लेकिन लंबे समय में मिट्टी की गुणवत्ता को नुकसान पहुंचाते हैं। अगर अपने घर के होम गार्डन को बिना किसी महंगे केमिकल के फूलों से सजाना चाहते हैं।तो आपकी किचन में ही कुछ ऐसे जादुई राज छिपे हैं जो आपके साधारण पौधों में भी नई जान डाल सकते हैं। किचन के बेकार समझे जाने वाले कचरे और रोजमर्रा की चीजों से आसानी से प्राकृतिक खाद और कीट-नाशक तैयार कर सकते हैं। इन बेहद सरल और बिना किसी लागत वाले घरेलू नुस्खों को अपनाकर आप आसानी से अपने घरेलू बगीचे को हरा-भरा, स्वस्थ और फूलों से महकता हुआ बना सकते हैं।

उबले आलू का पानी और सरसों की खली

जब हम किचन में आलू उबालते हैं तो उसके बाद बचे हुए गर्म पानी को सिंक में बहा देते हैं। लेकिन यह बचा हुआ पानी पौधों के लिए बहुत पौष्टिक होता है। आलू के उबले हुए पानी में प्रचुर मात्रा में स्टार्च और जरूरी पोषक तत्व होते हैं। जब यह पानी पूरी तरह से ठंडा हो जाए तब इसे अपने गमलों की मिट्टी में डालें। यह स्टार्च पौधों को ऊर्जा प्रदान करता है और गमले में एक साथ दर्जनों नए फूल खिलाने की क्षमता रखता है।तेल निकालने के बाद बची हुई सरसों की खली भी बागवानी के लिए एक बेहतरीन तरल जैविक खाद लिक्विड फर्टिलाइजर साबित होती है।

सरसों की खली से बनाएं घोल

    सरसों की खली को बारीक तोड़कर लगभग तीन दिनों तक पानी में भिगोकर सड़ने दें। इसके बाद इस पानी को छानकर या पतला करके गमलों में डालें। इस घोल की गंध और इसमें मौजूद पोषक तत्वों के प्रभाव से पौधों का विकास अद्भुत गति से होता है और पूरा पौधा कलियों व सुंदर फूलों से भर जाता है।

    छिलके, गुड़ और नींबू का प्रयोग

    प्याज और लहसुन के लाल छिलकों को रात भर पानी में भिगोकर रखें। सुबह इस लाल पानी को छान लें और स्प्रे बोतल में भरकर पौधों पर छिड़के। यह एक बेहतरीन प्राकृतिक कीट-नाशक का काम करता है। इससे न केवल हानिकारक कीड़े और फंगस दूर भागते हैं।बल्कि फूलों का रंग भी पहले से ज्यादा गहरा और चमकदार हो जाता हैं।गुड़ आयरन और पोषक तत्वों का एक बेहतरीन स्रोत है।

    मीठा बूस्टर पौधों को नई ऊर्जा देता

      गुड़ का एक छोटा टुकड़ा पानी में अच्छी तरह घोलकर महीने में एक बार पौधों की मिट्टी में डालें। यह मीठा बूस्टर पौधों को नई ऊर्जा देता है।जिससे समय से पहले कलियों का गिरना या झड़ना बंद हो जाता है।

      नींबू पानी पौधों के लिए बूस्टर

        नींबू के इस्तेमाल के बाद उसके बचे हुए छिलकों को दो दिनों तक पानी में भिगोकर रखें। इसके बाद इस पानी का छिड़काव पौधों की पत्तियों और फूलों पर करें। इसकी भीनी-भीनी प्राकृतिक सुगंध से तितलियां पौधे की ओर आकर्षित होती हैं और फूलों की प्राकृतिक महक भी कई गुना बढ़ जाती है।