सुरेश पाण्डेय, सिंगरौली। मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है। इसका ताजा उदाहरण सिंगरौली से सामने आया है जहां चितरगी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक सिक्योरिटी गार्ड के हाथ में मरीजों का जीवन सौंप दिया। गार्ड ने भर्ती मरीजों को ड्रिप चढ़ाई। इस दौरान वहां न कोई डॉक्टर मौजूद था और न ही नर्स। इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि चितरंगी अस्पताल की व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई है और यहां इलाज की जिम्मेदारी डॉक्टरों के बजाय गार्ड और वार्ड बॉय के भरोसे चल रही है। वहीं डॉक्टर और जिम्मेदार स्टाफ अक्सर ड्यूटी से नदारद रहते हैं। वीडियो रिकॉर्ड करने वाले राकेश मौर्य ने जब इसका विरोध किया तो कथित तौर पर सुरक्षा गार्ड ने जवाब देते हुए उससे दुर्व्यवहार किया। उसने कहा, ‘क्या कर सकते हो, हटवा दो मुझे।’
राकेश का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी अस्पताल में वार्ड बॉय द्वारा इंजेक्शन लगाने और ड्रिप चढ़ाने के कई वीडियो सामने आ चुके हैं। इससे साफ है कि व्यवस्था में गंभीर खामियां बनी हुई हैं। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि दोपहर करीब 2 बजे जब यह घटना हुई, उस समय ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर और जिम्मेदार स्टाफ आखिर कहां थे? और मरीजों के जीवन के साथ इस तरह का जोखिम क्यों लिया जा रहा है?
स्थानीय मांग कर रहे हैं कि उच्च स्तरीय जांच कर जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं की यह लापरवाही आगे किसी मरीज की जान पर भारी न पड़े। हालांकि वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी पुष्पराज ठाकुर ने ड्यूटी के दौरान मौजूद स्टाफ नर्स और डॉक्टर को शो कॉज नोटिस देने की बात कही है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि रिपोर्ट आने पर तुरंत निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।

