Lifestyle Desk – घर में खाना बनाना रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि खाना बनाते समय रसोई में जमा होने वाला धुआं और गैस से निकलने वाले प्रदूषक आपकी सेहत को प्रभावित कर सकते हैं? खासकर ऐसी रसोई में जहां वेंटिलेशन ठीक नहीं है, खाना पकाने के दौरान निकलने वाले धुएं और गैसों के कारण घर के अंदर की हवा की गुणवत्ता खराब हो सकती है।

खाना पकाते समय तेल गर्म होने, भोजन भूनने या तलने से धुआं और छोटे-छोटे कण हवा में फैल सकते हैं। गैस स्टोव के जलने से भी कुछ प्रदूषक बन सकते हैं। लंबे समय तक ऐसी हवा में रहने से आंखों और गले में जलन या सांस से जुड़ी परेशानी हो सकती है। इसलिए खाना बनाते समय कुछ छोटी सावधानियां रसोई की हवा को बेहतर रखने में मदद कर सकती हैं।आइए इसके बारे में जानते हैं विस्तार से।
गैस पर खाना बनाते समय क्यों बढ़ता है प्रदूषण?
खाना पकाने के दौरान गैस चूल्हे की लौ और खाना गर्म करने की प्रक्रिया से कई तरह के प्रदूषक पैदा हो सकते हैं। वहीं, तेल को बहुत ज्यादा गर्म करने या तलने-भूनने से धुआं और बारीक कण निकल सकते हैं।अगर रसोई पूरी तरह बंद हो और बाहर की हवा आने-जाने की व्यवस्था न हो, तो ये प्रदूषक कुछ समय तक कमरे के अंदर ही रह सकते हैं। यही वजह है कि किचन में सही वेंटिलेशन बेहद जरूरी माना जाता है।
आंखों और गले में हो सकती है जलन
खाना पकाते समय निकलने वाला धुआं सीधे आंखों और सांस की नली को प्रभावित कर सकता है। कुछ लोगों को इससे आंखों में पानी आना, जलन, गले में खराश या खांसी जैसी परेशानी महसूस हो सकती है।जिन लोगों को पहले से सांस से जुड़ी संवेदनशीलता है, उनके लिए खराब इनडोर एयर क्वालिटी ज्यादा परेशानी पैदा कर सकती है। ऐसे में खाना बनाते समय धुएं को रसोई में जमा होने से रोकना जरूरी है।
एग्जॉस्ट फैन और चिमनी का करें इस्तेमाल
रसोई में धुआं कम करने का सबसे आसान तरीका है एग्जॉस्ट फैन या किचन चिमनी का इस्तेमाल। खाना पकाने से कुछ मिनट पहले इन्हें चालू कर दें और खाना बनाने के बाद भी कुछ समय तक चलने दें।अगर रसोई में खिड़की है तो उसे खोलकर रखें, ताकि ताजी हवा अंदर आ सके और प्रदूषित हवा बाहर निकल सके। क्रॉस-वेंटिलेशन यानी हवा के आने-जाने के लिए दो दिशाओं में रास्ता होना और भी मददगार हो सकता है।
तेल को जरूरत से ज्यादा गर्म न करें
खाना तलते या भूनते समय तेल से धुआं निकलने लगे तो यह संकेत है कि तेल बहुत ज्यादा गर्म हो गया है। इसलिए तेल को लगातार धुआं निकलने की स्थिति तक गर्म करने से बचें।खाना पकाते समय आंच को जरूरत के अनुसार रखें। तेज आंच पर खाना पकाने से हमेशा खाना जल्दी या बेहतर नहीं बनता, बल्कि कई बार अनावश्यक धुआं भी पैदा हो सकता है।
गैस की लौ का भी रखें ध्यान
गैस स्टोव की लौ सामान्य रूप से नीली होनी चाहिए। अगर लौ लगातार पीली या नारंगी दिखाई दे रही है, तो बर्नर में गंदगी या गैस के सही तरीके से न जलने जैसी समस्या हो सकती है। ऐसी स्थिति में स्टोव की सफाई और जरूरत पड़ने पर योग्य तकनीशियन से जांच कराना बेहतर है।गैस उपकरणों की नियमित सर्विसिंग भी जरूरी है। गैस की गंध आए तो उसे नजरअंदाज न करें और तुरंत गैस सप्लाई बंद करके सुरक्षित तरीके से जांच कराएं।
रसोई में इन आदतों को बनाएं नियम
खाना बनाते समय किचन का दरवाजा और खिड़की पूरी तरह बंद रखने से बचें। तलने-भूनने के दौरान एग्जॉस्ट या चिमनी जरूर चलाएं। चूल्हे और बर्नर को नियमित रूप से साफ रखें और तेल या भोजन के अवशेष जमा न होने दें।
याद रखें, रसोई का धुआं केवल बदबू या असुविधा की समस्या नहीं है। खाना पकाने के दौरान पैदा होने वाले प्रदूषकों को कम करने के लिए अच्छा वेंटिलेशन, सही तरीके से गैस स्टोव का इस्तेमाल और धुएं को बाहर निकालने की व्यवस्था जरूरी है।



