Dharm Desk – छोटे बच्चों को मौसम बदलने के दौरान सर्दी-जुकाम, खांसी और कफ की समस्या होना आम बात है। बच्चों में नाक बंद होने और गले में बलगम जमा होने के कारण उन्हें सांस लेने, सोने या खाना खाने में परेशानी हो सकती है। ऐसे में माता-पिता अक्सर सोचते हैं कि बच्चे की छाती में जमा कफ कैसे निकले। छोटे बच्चों को बिना डॉक्टर की सलाह के दवाएं देना ठीक नहीं है, इसलिए कुछ सुरक्षित घरेलू देखभाल और खान-पान पर ध्यान देना मददगार हो सकता है। आइए जानते हैं किस तरह से बच्चों को कफ से राहत दिलाएं।

बच्चे को पर्याप्त मात्रा में तरल दें
बच्चे की उम्र के अनुसार उसे पर्याप्त तरल पदार्थ देते रहें। बड़े बच्चों को गुनगुना पानी दिया जा सकता है। इससे शरीर में पानी की कमी नहीं होती और गले में जमा बलगम कुछ पतला होने में मदद मिल सकती है।छोटे शिशुओं को उनकी सामान्य उम्र के अनुसार मां का दूध या फॉर्मूला दूध ही देते रहें। छह महीने से कम उम्र के बच्चे को डॉक्टर की सलाह के बिना पानी या अन्य घरेलू पेय न दें।
गर्म भाप को लेकर रहें सावधान
कई लोग कफ निकालने के लिए बच्चों को गर्म पानी की भाप देने की सलाह देते हैं। लेकिन छोटे बच्चों को सीधे गर्म भाप देना जोखिम भरा हो सकता है और जलने का खतरा रहता है। इसलिए बच्चे के चेहरे के पास गर्म पानी या भाप वाला बर्तन बिल्कुल न रखें।अगर कमरे की हवा बहुत शुष्क है, तो डॉक्टर की सलाह से सुरक्षित तरीके से ह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल किया जा सकता है।
नाक बंद होने पर क्या करें?
छोटे बच्चों में नाक बंद होने के कारण सांस लेने में परेशानी और दूध पीने में दिक्कत हो सकती है। डॉक्टर या बाल रोग विशेषज्ञ की सलाह से सामान्य सलाइन नोज ड्रॉप्स का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे नाक में जमा म्यूकस को साफ करने में मदद मिल सकती है। बच्चे की नाक में बिना सलाह के कोई मेडिकेटेड ड्रॉप न डालें।
डाइट में इन बातों का रखें ध्यान
अगर बच्चा ठोस आहार लेने की उम्र का है, तो उसे उसकी सामान्य डाइट देते रहें। हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन दिया जा सकता है। सूप या अन्य तरल पदार्थ उम्र के अनुसार दिए जा सकते हैं।बच्चे को जबरदस्ती खाना खिलाने के बजाय उसकी भूख के अनुसार थोड़ी-थोड़ी मात्रा में भोजन दें। बीमारी के दौरान पर्याप्त तरल लेना ज्यादा महत्वपूर्ण है।
शहद कब दे सकते हैं?
अगर बच्चा एक साल से कम उम्र का है तो उसे शहद बिल्कुल न दें। एक साल से बड़े बच्चे को खांसी में शहद देने के बारे में बाल रोग विशेषज्ञ से सलाह ली जा सकती है।
किन चीजों से बचें?
- छोटे बच्चों को बिना डॉक्टर की सलाह के कफ या सर्दी की दवा न दें।
- एंटीबायोटिक खुद से शुरू न करें।
- बच्चे को बहुत गर्म पेय न दें।
- छाती पर तेज गर्म तेल या कोई गर्म पदार्थ न लगाएं।
- गर्म पानी की भाप सीधे बच्चे को न दें।
- एक साल से कम उम्र के बच्चे को शहद न दें।
कब तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए?
अगर बच्चे को सांस लेने में बहुत परेशानी हो, सांस बहुत तेज चल रही हो, पसलियां सांस लेते समय अंदर की ओर खिंच रही हों, होंठ या चेहरा नीला पड़ रहा हो, बच्चा बहुत सुस्त हो या पर्याप्त दूध/तरल न ले पा रहा हो, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें। ध्यान रखें छोटे बच्चों में कफ और खांसी का इलाज उनकी उम्र और लक्षणों के अनुसार अलग हो सकता है। इसलिए सिर्फ घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय जरूरत पड़ने पर बाल रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना सबसे सुरक्षित तरीका है।

