Automobile Desk: देश की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनियों में शामिल हुंडई मोटर इंडिया ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (जुलाई से सितंबर) के वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी की आय में तो इजाफा देखा गया है, लेकिन operational costs और अन्य व्यावसायिक खर्चों में हुई भारी बढ़ोतरी की वजह से शुद्ध मुनाफे पर सीधा असर पड़ा है। सालाना आधार पर कंपनी के शुद्ध लाभ में करीब 24 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।
ताजा रिपोर्ट के अनुसार, 30 सितंबर 2026 को समाप्त हुई इस तिमाही के दौरान कंपनी का नेट प्रॉफिट घटकर 1,196.16 करोड़ रुपये रह गया। अगर पिछले वित्त वर्ष की इसी समान अवधि से तुलना की जाए, तो तब कंपनी ने 1,572.26 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया था। यानी इस बार मुनाफे में 23.9 प्रतिशत की सीधी चपत लगी है। वहीं दूसरी ओर, टैक्स भुगतान से पूर्व मिलने वाले प्रॉफिट (PBT) में भी गिरावट आई है। यह आंकड़ा 2,125.96 करोड़ रुपये से लुढ़क कर 1,617.83 करोड़ रुपये पर आ गया है।
रेवेन्यू में दर्ज हुई अच्छी बढ़त
मुनाफे में आई इस सुस्ती के बावजूद हुंडई की सेल्स और रेवेन्यू के मोर्चे पर प्रदर्शन बेहतर रहा है। जुलाई-सितंबर तिमाही के दौरान कंपनी की ऑपरेशंस से होने वाली कुल कमाई 18.5 फीसदी बढ़कर 20,696.06 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गई, जो बीते साल की समान तिमाही में 17,460.82 करोड़ रुपये थी। इसके अलावा, कंपनी की कुल आय (Total Income) भी एक साल पहले के 17,692.03 करोड़ रुपये के मुकाबले बढ़कर 20,920.02 करोड़ रुपये दर्ज की गई है। इससे साफ जाहिर होता है कि बाजार में गाड़ियों की मांग और बिक्री का ग्राफ तो ऊपर चढ़ा, लेकिन कंपनी अपनी मार्जिन को बरकरार रखने में चुनौतियों का सामना कर रही है।

खर्चों में 24 फीसदी का उछाल पड़ा भारी
कंपनी की कुल कमाई में हुई बढ़ोतरी का फायदा मुनाफे में इसलिए नहीं बदल सका, क्योंकि इस दौरान कंपनी के कुल खर्चों में अप्रत्याशित तेजी आई। दूसरी तिमाही में हुंडई मोटर इंडिया का कुल व्यय बढ़कर 19,302.18 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल की समान अवधि में यह आंकड़ा 15,566.07 करोड़ रुपये था। यानी एक साल के भीतर कंपनी के कुल खर्च में लगभग 24 प्रतिशत का इजाफा हुआ, जिसने ऑपरेटिंग मार्जिन को प्रभावित किया।
छमाही प्रदर्शन की तस्वीर
यदि मौजूदा वित्त वर्ष के शुरुआती छह महीनों यानी अप्रैल से सितंबर 2026 तक के समग्र प्रदर्शन को देखें, तो वहां भी कुछ ऐसा ही रुझान नजर आता है। इस छमाही अवधि में कंपनी का परिचालन राजस्व 9.3 प्रतिशत की मजबूती के साथ 37,030.69 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जबकि पिछले साल की पहली छमाही में यह 33,873.70 करोड़ रुपये रहा था। हालांकि, खर्चों के दबाव के कारण छह महीने का शुद्ध लाभ भी 29.1 प्रतिशत गिरकर 2,084.79 करोड़ रुपये पर सिमट गया, जो एक साल पहले इसी अवधि में 2,941.49 करोड़ रुपये दर्ज किया गया था।

