IAS Shikhar Agarwal ACB Investigation: राजस्थान कैडर के वरिष्ठ IAS अधिकारी शिखर अग्रवाल की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। उदयपुर और अलवर के अनंता रिसॉर्ट में खुद और परिजनों के नाम पर विला खरीदने तथा निजी कंपनी को कथित तौर पर अनुचित लाभ पहुंचाने के आरोपों की अब भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) विस्तृत जांच करेगी।

राजस्थान सरकार ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17-ए के तहत जांच की पूर्व अनुमति दे दी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि 27 मार्च 2026 को निजी कंपनी गोयल फैशंस प्राइवेट लिमिटेड को विशेष रियायती आर्थिक पैकेज जारी हुआ और इसी दिन शिखर अग्रवाल की ओर से 20 विला की रजिस्ट्री कराई गई थी।

कंपनी को फायदा पहुंचाने के आरोपों की होगी जांच

ACB के डीजी गोविंद गुप्ता के मुताबिक, मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट्स और उद्योग विभाग से मिली तथ्यात्मक रिपोर्ट का ब्यूरो ने परीक्षण किया। इसके अलावा गोपनीय सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर भी तथ्यों का विश्लेषण किया गया। प्रारंभिक स्तर पर सामने आए तथ्यों के बाद विस्तृत जांच जरूरी मानी गई।

आरोप है कि शिखर अग्रवाल ने जिला कलेक्टर उदयपुर, राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अध्यक्ष और अतिरिक्त मुख्य सचिव, उद्योग सहित विभिन्न पदों पर रहते हुए अपने पद और प्रभाव का कथित दुरुपयोग किया। उन पर गोयल फैशंस प्राइवेट लिमिटेड के निदेशकों के साथ मिलीभगत कर कंपनी को अनुचित लाभ पहुंचाने और राज्य सरकार को आर्थिक नुकसान कराने के आरोप हैं।

रिसॉर्ट निर्माण की शर्तों में छूट दिलाने का आरोप

गोयल फैशंस प्राइवेट लिमिटेड ‘अनंता’ नाम से होटल और रिसॉर्ट का संचालन करती है। प्रारंभिक जांच में आरोप सामने आए हैं कि कंपनी को रिसॉर्ट निर्माण से जुड़ी शर्तों में अनुचित छूट दिलाई गई। इसके अलावा जरूरी प्रमाण-पत्रों की जांच किए बिना स्वीकृतियां और विशेष रियायती आर्थिक पैकेज दिलाने का भी आरोप है।

ACB अब इस बात की जांच करेगी कि कंपनी को ये लाभ किस प्रक्रिया के तहत मिले और इसमें शिखर अग्रवाल सहित अन्य संबंधित अधिकारियों की क्या भूमिका रही।

उदयपुर और अलवर में परिवार के नाम पर खरीदे विला

प्रारंभिक जांच में उदयपुर के बुझड़ा स्थित अनंता रिसॉर्ट और अलवर जिले के अजबगढ़ स्थित अनंता रिसॉर्ट में विला खरीद का मामला भी सामने आया है। आरोप है कि मार्च 2026 में शिखर अग्रवाल और उनके परिजनों के नाम पर इन संपत्तियों की खरीद की गई। उदयपुर के बुझड़ा रिसॉर्ट में शिखर अग्रवाल और उनकी पत्नी के नाम पर 10-10 विला खरीदे गए। प्रत्येक विला की कीमत 15 लाख रुपये बताई गई है।

वहीं, अलवर के अजबगढ़ रिसॉर्ट में शिखर अग्रवाल और उनकी पत्नी के नाम पर 8 विला 16.5-16.5 लाख रुपये में खरीदे जाने की जानकारी सामने आई है। दोनों बेटों के नाम पर 4 विला करीब 15-15 लाख रुपये में और सास-ससुर के नाम पर 4 विला करीब 16.5-16.5 लाख रुपये में खरीदे जाने का आरोप है।

प्रारंभिक जांच में इन संपत्तियों की खरीद कीमत बाजार मूल्य से काफी कम होने की बात सामने आई है। अब ACB इन सौदों और इनके पीछे की परिस्थितियों की विस्तृत पड़ताल करेगी।

आय से अधिक संपत्ति के आरोपों की भी जांच

ACB के डीजी गोविंद गुप्ता ने बताया कि गोपनीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वित्त विभाग ने 27 मार्च 2026 को गोयल फैशंस प्राइवेट लिमिटेड को विशेष रियायती आर्थिक पैकेज जारी किया था। इसी दिन 20 विला की रजिस्ट्री होने का तथ्य भी सामने आया है।

प्रारंभिक स्तर पर यह आशंका जताई गई है कि निजी कंपनी के निदेशकों के साथ कथित मिलीभगत कर कंपनी को अनुचित लाभ पहुंचाया गया। इससे राज्य सरकार को आर्थिक नुकसान होने के आरोपों की भी जांच होगी। इसके साथ ही शिखर अग्रवाल और उनके परिजनों के नाम पर कथित रूप से आय से अधिक संपत्तियां अर्जित करने के मामले की भी पड़ताल की जाएगी।

सरकार की मंजूरी के बाद किनकी भूमिका जांचेगी ACB?

राजस्थान सरकार ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 2018 की धारा 17-ए के तहत विस्तृत जांच के लिए पूर्वानुमोदन दे दिया है। अब ACB शिखर अग्रवाल, IAS (तत्कालीन अतिरिक्त मुख्य सचिव, उद्योग विभाग), गोयल फैशंस प्राइवेट लिमिटेड के निदेशकों और अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की जांच करेगी।

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