Dharm Desk – मनुष्य के जीवन में उतार-चढ़ाव आना प्राकृतिक है। लेकिन बहुत बार ऐसा समय आता है जब लगातार प्रयास और कड़ी मेहनत के बाद सफलत नहीं मिलती। बनते हुए काम आखरी समय पर बिगड़ जाते हैं।आर्थिक बाधाएं बनी रहती हैं।और घर में बिना किसी कारण के तनाव का माहौल बना रहता है। ऐसी स्थितियों में अक्सर लोग निराश होकर नकारात्मकता के शिकार होने लगते हैं। भारतीय परंपरा में माना जाता है कि हमारे आसपास मौजूद दैवीय शक्तिया और हमारे कुल व स्थान से जुड़े देव हमारे जीवन की दिशा तय करते हैं। यदि इन देवों का आशीर्वाद बना रहे तो बड़े से बड़ा संकट भी छूमंतर हो जाता है।

शास्त्रों और दैनिक जीवन की मान्यताओं के अनुसार यदि जीवन में समस्याएं समाप्त होने का नाम न ले रही हों तो प्रतिदिन सुबह उठकर कुछ विशेष दैवीय शक्तियों का स्मरण करना बहुत शुभकारक साबित होता है। इसके लिए किसी बड़े या जटिल अनुष्ठान की आवश्यकता नहीं होती बल्कि सिर्फ भावपूर्ण स्मरण और निरंतरता ही पर्याप्त होती है। प्रतिदिन सुबह उठने के बाद और घर की चौखट से बाहर कदम रखने से पहले पाच विशेष देव शक्तियों का स्मरण करने का नियम है।जब भी किसी महत्वपूर्ण कार्य के लिए घर से बाहर निकलें तो दरवाजे पर खड़े होकर या मन ही मन शांत भाव से इन पांच देवों के नाम लेने से कार्यों में सफलता मिलने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।
पांच देव नामों का जाप करने की सरल विधि
- ओम कुल देवताभ्यो नम:
अपने कुल और वंश के रक्षक देवता को नमन। - ओम वास्तु देवताभ्यो नम:
घर-भवन और निवास स्थान के वास्तु देव की वंदना। - ओम पितृ देवताभ्यो नम:
अपने पूर्वजों और पितरों का स्मरण। - ओम ग्राम देवताभ्यो नम:
अपने गाव नगर या क्षेत्र के रक्षक देव को नमन। - ओम स्थानदेवताभ्यो नमः
जिस स्थान पर निवास करते हैं उस स्थान के देव का आदर।
घर से निकलते समय इन पाचों नामों का श्रद्धापूर्वक स्मरण करने से एक सुरक्षा कवच बनता है। यह दैवीय ऊर्जा मार्ग की सभी बाधाओं को दूर करती है और मनुष्य के कार्यों में सुगमता लाती है।
हमारे दैनिक जीवन में कुलदेवता, वास्तुदेवता, पितृ देवता, ग्रामदेवता और स्थान देवता के आशीर्वाद का बहुत बड़ा महत्व होता है। बहुत बार अनजाने में इन देवों के प्रति अनादर या ध्यान न देने के कारण गृह दोष या वास्तु दोष पैदा हो जाते हैं। जब प्रतिदिन नियम से इन पाच नामों का स्मरण करते हैं। तो समस्त दोष धीरे-धीरे शांत होने लगते हैं।

