सुरेश पांडेय, सिंगरौली। मध्य प्रदेश के सिंगरौली में विकास के दावों के बीच एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो सिस्टम को कटघरे में खड़ा करती है। देवसर विधानसभा के ग्राम पंचायत जोगियानी के बसौड़ा गांव में 25 आदिवासी परिवार आज भी सड़क के लिए तरस रहे हैं। सड़क नहीं होने का खामियाजा ऐसा कि बीमार व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने के लिए कुर्सी पर बैठाकर ले जाना पड़ रहा है।

जी हां! आधी रात, बीमारी का कहर और सड़क के अभाव में जिंदगी बचाने की जद्दोजहद! ग्रामीण ईश्वर सिंह गोंड की तबीयत बिगड़ी, उल्टी-दस्त से हालत गंभीर हुई, तो परिजन उन्हें कुर्सी पर बैठाकर सड़क तक लाए और फिर अस्पताल पहुंचाया।

सवाल है—जब गांव में सड़क ही नहीं, तो एंबुलेंस पहुंचेगी कैसे? आखिर कब तक आदिवासी परिवार बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करते रहेंगे? ग्रामीणों के मुताबिक, सड़क निर्माण के लिए विधायक से लेकर कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार और पंचायत स्तर तक आवेदन दिए गए। प्रस्ताव भी भेजे गए, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। क्या जिम्मेदारों को इस गांव की बदहाली दिखाई नहीं देती? आखिर कब बनेगी सड़क? क्या किसी बड़ी अनहोनी के बाद ही प्रशासन की नींद खुलेगी।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m