Automobile Desk: अगर आप नेशनल हाईवे पर सफर कर रहे हैं और अचानक गाड़ी खराब हो जाए या कोई दुर्घटना हो जाए, तो सबसे बड़ी चिंता सही समय पर मदद मिलने की होती है। आमतौर पर हाईवे पर किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की 1033 हेल्पलाइन का इस्तेमाल किया जाता है। इसके जरिए आप मेडिकल इमरजेंसी, गाड़ी में तकनीकी खराबी आने पर क्रेन या फिर एंबुलेंस की सहायता मांग सकते हैं। लेकिन कई बार तकनीकी कारणों से या व्यस्त रहने के चलते 1033 पर कॉल नहीं लग पाती है। ऐसी स्थिति में घबराने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि कुछ ऐसे वैकल्पिक तरीके हैं जिनकी मदद से आप तुरंत सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

112 नंबर का करें इस्तेमाल

जब भी आप हाईवे पर हों और 1033 नंबर पर संपर्क न हो पा रहा हो, तो आप सीधे इमरजेंसी नंबर 112 डायल कर सकते हैं। यह एक राष्ट्रव्यापी इंटीग्रेटेड इमरजेंसी नंबर है, जिसके जरिए पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और अग्निशमन सेवाओं से तुरंत मदद मांगी जा सकती है। कॉल करते समय आपको अपनी समस्या के साथ-साथ हाईवे का नाम, आप किस दिशा में यात्रा कर रहे हैं और आसपास मौजूद किसी टोल प्लाजा या माइलस्टोन की सटीक जानकारी देनी चाहिए। इससे राहत दल को आपकी लोकेशन ढूंढने में ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ती और वे कम से कम समय में आप तक पहुंच जाते हैं।

नजदीकी टोल प्लाजा से लें सहायता

इसके अलावा, अगर आपकी गाड़ी रास्ते में अचानक बंद हो जाती है या कोई अन्य सड़क संबंधी समस्या आती है, तो आप अपने सबसे नजदीकी टोल प्लाजा से भी संपर्क साध सकते हैं। टोल प्लाजा के सूचना बोर्ड पर अक्सर वहां के स्थानीय सहायता नंबर दिए होते हैं, या फिर आप अपनी टोल रसीद पर छपे नंबर का इस्तेमाल करके सीधे संबंधित सड़क संचालक या अधिकारियों से बात कर सकते हैं। उन्हें अपनी सटीक लोकेशन बताने पर वे अपनी पेट्रोलिंग टीम या क्रेन को तुरंत आपकी मदद के लिए भेज देते हैं।

राजमार्गयात्रा ऐप का उपयोग

सड़क की खराब हालत, बड़े-बड़े गड्ढों, टोल कर्मचारियों के गलत बर्ताव या किसी अन्य असुविधा से जुड़ी शिकायत दर्ज कराने के लिए NHAI के ‘राजमार्गयात्रा’ ऐप और उनके आधिकारिक पोर्टल का उपयोग किया जा सकता है। इस ऐप के जरिए आप अपनी शिकायत फोटो के साथ ऑनलाइन दर्ज करा सकते हैं, ताकि संबंधित विभाग उस पर कार्रवाई कर सके।

हालांकि, ध्यान देने वाली बात यह है कि अगर मामला किसी की जान खतरे में होने का है या दुर्घटना के बाद तुरंत एंबुलेंस की जरूरत है, तो ऐप पर शिकायत लिखकर भेजने में समय गंवाने के बजाय सीधा फोन कॉल करना ही सबसे समझदारी भरा कदम है।

सफर के दौरान इन बातों का रखें विशेष ध्यान

सफर के दौरान किसी भी अनहोनी या वाहन खराब होने की स्थिति में सबसे पहले खुद की और अपने साथ सफर कर रहे लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। अपनी गाड़ी को मुख्य ट्रैफिक से हटाकर किसी सुरक्षित किनारे पर लगाएं और हजार्ड लाइट्स को ऑन कर दें ताकि पीछे आने वाले वाहन सचेत हो सकें। मदद के लिए फोन पर बात करते समय अपनी सही स्थिति और वाहन से जुड़ी परेशानी की जानकारी साफ शब्दों में दें। हाईवे पर गाड़ी रोककर सड़क के बीच में खड़े होने से बचें और हमेशा सुरक्षित दूरी बनाकर रखें, ताकि किसी भी बड़े हादसे से बचा जा सके।