Lifestyle Desk :- कई बार ऐसा होता है कि समय पर खाना सामने होने के बावजूद भूख महसूस नहीं होती। कुछ लोगों को सुबह नाश्ता करने का मन नहीं करता, तो कुछ लोग दोपहर या रात का खाना भी बिना भूख के खाते हैं। कभी-कभी भूख न लगना सामान्य हो सकता है, लेकिन अगर लंबे समय तक ऐसा हो रहा है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। तनाव, नींद की कमी, पाचन संबंधी परेशानी और खानपान की अनियमित आदतें भूख कम होने की वजह बन सकती हैं। ऐसे में कुछ आसान घरेलू उपाय और लाइफस्टाइल में बदलाव खाने की इच्छा को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं।
सुबह की शुरुआत हल्के नाश्ते से करें
अगर सुबह उठने के बाद भूख नहीं लगती है, तो एक साथ भारी नाश्ता करने के बजाय हल्की चीजों से शुरुआत करें। आप फल, दलिया, पोहा या थोड़े सूखे मेवे खा सकते हैं। धीरे-धीरे नियमित समय पर नाश्ता करने की आदत बनाएं। इससे शरीर को भोजन का नियमित रूटीन अपनाने में मदद मिल सकती है।
खाने से पहले थोड़ी देर टहलें
शारीरिक गतिविधि पाचन और भूख को प्रभावित कर सकती है। अगर आपको दिनभर बैठे रहने की आदत है, तो सुबह या शाम 20-30 मिनट हल्की वॉक करें। इससे शरीर सक्रिय रहता है और कुछ लोगों में खाने की इच्छा बेहतर हो सकती है। हालांकि, कमजोरी या चक्कर आने की स्थिति में भारी एक्सरसाइज करने से बचें।

अदरक का सेवन करें
अदरक का इस्तेमाल पारंपरिक रूप से पाचन संबंधी परेशानियों में किया जाता है। आप खाने में थोड़ी मात्रा में अदरक शामिल कर सकते हैं या अदरक की हल्की चाय पी सकते हैं। कुछ लोगों को इससे पेट भारी लगने की समस्या में आराम महसूस होता है। हालांकि, एसिडिटी या सीने में जलन की परेशानी होने पर अदरक का अधिक सेवन न करें।
एक बार में ज्यादा खाने के बजाय थोड़ी-थोड़ी मात्रा लें
भूख कम लगने पर एक साथ बड़ी प्लेट खाना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में दिनभर में 3 बड़े भोजन की जगह 5-6 छोटे मील लेने का विकल्प अपनाया जा सकता है। आप फल, दही, सूप, खिचड़ी या पौष्टिक स्नैक्स शामिल कर सकते हैं। इससे शरीर को जरूरी पोषण मिलता रहता है और खाने का दबाव भी कम महसूस होता है।
पर्याप्त पानी पिएं, लेकिन खाने से ठीक पहले ज्यादा नहीं
शरीर में पानी की कमी से थकान और असहजता महसूस हो सकती है। इसलिए दिनभर पर्याप्त पानी पीना जरूरी है। हालांकि, भोजन से ठीक पहले बहुत ज्यादा पानी पीने से कुछ लोगों को पेट भरा हुआ महसूस हो सकता है। ऐसे में पानी को पूरे दिन थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पीने की आदत बनाएं।
तनाव और नींद पर ध्यान दें
मानसिक तनाव और नींद की कमी भी भूख को प्रभावित कर सकती है। अगर आप लगातार चिंता में रहते हैं या रात में पर्याप्त नींद नहीं लेते, तो इसका असर आपके खानपान पर पड़ सकता है। रोजाना 7-9 घंटे की नींद लेने की कोशिश करें। इसके साथ ही मेडिटेशन, हल्की वॉक और अपनी पसंद की गतिविधियों के लिए समय निकालें।
खाने का समय तय करें
अगर आप कभी सुबह 10 बजे, कभी दोपहर 3 बजे और कभी रात में देर से खाना खाते हैं, तो आपकी भूख का नियमित पैटर्न प्रभावित हो सकता है। इसलिए रोजाना लगभग एक ही समय पर भोजन करने की कोशिश करें। खाने के बीच बहुत लंबा अंतराल न रखें और बार-बार चाय, कॉफी या स्नैक्स से पेट भरने से बचें।
कब डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है?
अगर कई दिनों तक भूख नहीं लग रही है या इसके साथ वजन तेजी से कम हो रहा है, लगातार थकान, उल्टी, पेट दर्द, बुखार या निगलने में परेशानी हो रही है, तो डॉक्टर से सलाह लें। भूख कम लगना कभी-कभी संक्रमण, थायरॉइड, पाचन संबंधी समस्याओं, दवाओं के दुष्प्रभाव या अन्य स्वास्थ्य स्थितियों का संकेत भी हो सकता है।

