Dharm Desk – सनातन धर्म में दान को अत्यंत उच्च स्थान माना गया है। शास्त्रों के अनुसार, निष्काम भाव और श्रद्धा से किया गया गुप्त दान जीवन की कई समस्याओं को दूर कर किस्मत के बंद दरवाजे खोल सकता है। मंदिर में जाकर प्रतिदिन या विशेष तिथियों पर दान करने से न केवल मानसिक शांति मिलती है। बल्कि घर में सुख शांति और समृद्धि का परवाह भी बढ़ता है।बहुत से लोग सिर्फ धन का दान करते हैं लेकिन मंदिर में कुछ विशिष्ट वस्तुओं को दान करने का अलग ही महत्व और फल होता है। मंदिर में इन 7 चीजों का दान करने से जीवन की दिशा बदल सकती है।

पूजा आसन का दान

मंदिर में पूजा या ध्यान के लिए आसन का दान करना बहुत शुभ होता है। ऐसा कहते हैं कि मंदिर में आसन भेंट करने से साधकों को आराम मिलता है और इससे आपके जीवन में चल रही धन की कमी हमेशा के लिए समाप्त हो जाती है।

माचिस का दान

मंदिर में पूजा-अर्चन और दीपक प्रज्वलित करने के लिए माचिस की आवश्यकता होती है। मंदिर में माचिस दान करने से मनुष्य पर चढ़ा पुराना से पुराना कर्ज, लोन की टेंशन खत्म होने लगती है। इसके लिए गुप्त रूप से यह उपाय करना चाहिए।

    छाते का दान

    मंदिर परिसर में या मंदिर के नाम से छाते का दान करना बहुत अच्छा माना गया है। छाता सुरक्षा का प्रतीक होता है।इसलिए इसका दान करने से किसी भी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा की छाया नहीं पड़ता और आप बुरी शक्तियों से सुरक्षित रहते हैं।

    दीपक का दान

    दीपक प्रकाश और ज्ञान का प्रतीक है। मंदिर में मिट्टी या पीतल के दिया का दान करने से कुल में वंश वृद्धि होती है और संतान से संबंधी सुख प्राप्त होता है।

    घंटी का दान

    मंदिर में घंटी की आवाज से माहौल शुद्ध होता है। मंदिर में घंटी भेंट करने से घर-परिवार में खुशहाली आती है और सकारात्मक ऊर्जा का प्रसार होता है।

    कपूर का दान

    कपूर की खुशबू देव आराधना में बहुत प्रिय मानी जाती है। मंदिर में कपूर दान करने से परिवार के सदस्यों पर किसी भी प्रकार की बुरी नजर नहीं लगती और बीमारियां दूर रहती हैं।

    झंडे का दान

    मंदिर के शिखर पर फहराने के लिए ध्वजा का दान सबसे महत्वपूर्ण माना गया है। धार्मिक मान्यता है कि जैसे-जैसे मंदिर का झंडा हवा में लहराता है। वैसे-वैसे समाज में आपका आत्मसम्मान प्रतिष्ठा और नाम बढ़ता है।