योगेश सिंह राजपूत, बेमेतरा। जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण क्षेत्रों में जनप्रतिनिधियों के लिए आय का बड़ा जरिया बन गया है। गांव-गांव में ग्राम सरपंच, सचिव एवं रोजगार सहायकों की आपसी जुगलबंदी से खुलेआम पैसों की उगाही हो रही है। योजनांतर्गत जिन ग्रामीणों का नाम आवास के लिए आया है, उनसे सीधे 10-15 हजार रुपये लिए जा रहे हैं पर पैसे नहीं देने पर हितग्राहियों को परेशान किया जा रहा है।

कलेक्टोरेट पहुंचकर ग्रामीणों ने की शिकायत
ऐसा ही मामला नवागढ़ विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत मगरघटा का है, जहां उपसरपंच के खाते में एक हितग्राही द्वारा 6 हजार रुपये ऑनलाइन पेमेंट किया गया है और अब फिर 6 हजार रुपये की मांग की जा रही है। कलेक्टोरेट में शिकायत करने पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि पूरे गांव में आवास के नाम पर अवैध वसूली चल रही है। इधर, जिला प्रशासन जांच कर कार्रवाई की बात कर रहा है।

कलेक्टर ने कही यह बात
इस पूरे मामले पर बेमेतरा कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं ने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही वे इस मामले में कुछ कह पाएंगी।
एक तरफ छत्तीसगढ़ सरकार कहती है कि आवास के नाम पर हितग्राहियों से जो अधिकारी-कर्मचारी पैसे की मांग करेगा, उसे बर्खास्त किया जाएगा। ऐसे में देखा जा सकता है कि सरकार इस मामले में कितनी गंभीर है। वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि जनप्रतिनिधियों को किसी का भी खौफ नहीं है और ऑनलाइन अपने खाते में पैसा डलवाया जा रहा है। अब देखना होगा कि इस मामले में क्या कार्रवाई होती है।
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