कर्ण मिश्रा, ग्वालियर। करवाचौथ पर ग्वालियर में मौसम ने सुहागिनों का इंतजार बढ़ा दिया। अर्नब तूफान के असर के चलते देर रात तक चांद के दीदार नहीं हुए। ऐसे में सुहागिनों ने अपने पति को ही चंद्रमा मानकर पूजा की और छलनी से उनका चेहरा देखकर व्रत खोला। खास बात यह रही कि कई पतियों ने भी अपनी पत्नी की लंबी उम्र के लिए व्रत रखा।

आसमान में बादल छाए रहे और देर रात तक चांद नजर नहीं आया

करवाचौथ का दिन सुहागिनों के लिए खास होता है। सोलह श्रृंगार कर महिलाओं ने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ निर्जला उपवास रखा। लेकिन ग्वालियर में अर्नब तूफान के असर से आसमान में बादल छाए रहे और देर रात तक चांद नजर नहीं आया। चंद्रमा के इंतजार के बीच महिलाओं ने परंपरा के अनुसार अपने पति को ही चंद्रमा मानकर पूजा-अर्चना की,महिलाओं ने पूजा की थाली सजाई, पति की आरती उतारी और छलनी से उनका चेहरा देखकर व्रत का पारण किया। इस दौरान कई ऐसे जोड़े भी नजर आए, जहां पत्नी के साथ पति ने भी अपनी जीवनसंगिनी के लिए उपवास रखा। इन जोड़ों ने करवाचौथ को सिर्फ परंपरा नहीं, बल्कि एक-दूसरे के प्रति प्रेम और समर्पण का पर्व बना दिया।

मध्यप्रदेश

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परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की

इससे पहले शहर के अलग-अलग इलाकों में सामूहिक करवाचौथ पूजन के कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। महिलाओं ने एक साथ पूजा-अर्चना की, कथा सुनी और अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। चांद के दीदार भले ही नहीं हुए, लेकिन ग्वालियर में पति-पत्नी के प्रेम और विश्वास ने करवाचौथ की परंपरा को पूरा किया। आसमान में चांद बादलों के पीछे छिपा रहा, लेकिन सुहागिनों के लिए उनके जीवनसाथी ही चांद बन गए। ग्वालियर में इस करवाचौथ पर प्रेम, विश्वास और साथ निभाने की खूबसूरत तस्वीर देखने को मिली।

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