हेमंत शर्मा, इंदौर। जिले के सांवेर में बुधवार दोपहर जर्जर मकान को तोड़ने के दौरान बड़ा हादसा हो गया। टशन चौराहे के पास करीब 40 साल पुराने मकान को डिस्मेंटल किया जा रहा था। इसी दौरान पास की पुरानी और जर्जर दीवार भरभराकर गिर गई। दीवार की चपेट में आने से वहां मजदूरी कर रहीं चार महिलाओं की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। घटना के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम ने जेसीबी की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। हादसे की जानकारी मिलने के बाद मंत्री तुलसी सिलावट भी एमवाय अस्पताल पहुंचे और घायलों का हाल जाना। इसके साथ ही वह अपनी विधानसभा में घटे इस हादसे के बाद मौके पर भी पहुंचे।

दीवार के नीचे मजदूरी कर रहे कई लोग दब गए

दरअसल यहां ‘नेताजी’ के नाम से पहचाने जाने वाले पुराने जर्जर मकान को तोड़ा जा रहा था। इसी दौरान पास के मकान की पुरानी दीवार अचानक भरभराकर नीचे आ गई। दीवार के नीचे मजदूरी कर रहे कई लोग दब गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और जेसीबी समेत अन्य संसाधनों की मदद से मलबा हटाने का काम शुरू किया गया। शुरुआत में मलबे में बच्चे के दबे होने की आशंका जताई गई थी, लेकिन मजदूरों से पूछताछ के बाद स्पष्ट हुआ कि कोई बच्चा मलबे में नहीं दबा था। वही मलबे में दबने से चार महिलाओं की मौत हो गई। मृतकों में रीना, सीमा बाई, चंदा बाई और सुशीला बाई शामिल हैं।

दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी

वहीं मंजू बाई, सुंदर बाई, सुनील और दिलीप को एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि संतोषी बाई का सांवेर सीएचसी में इलाज चल रहा है। वही इस मामले में सांवेर में एसडीओपी का कहना है कि जर्जर मकान को तोड़ने का काम मकान मालिक के निर्देश पर कराया जा रहा था। मकान मालिक इंदौर में रहते हैं। पुलिस ने मलबा पूरी तरह साफ करा लिया है और अब यह जांच की जा रही है कि डिमोलेशन के दौरान जरूरी सुरक्षा और वैधानिक प्रक्रियाओं का पालन किया गया था या नहीं। हादसे में लापरवाही किस स्तर पर हुई, इसे लेकर संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और जिम्मेदारी तय करने की कार्रवाई की जाएगी।

घायलों का निशुल्क इलाज की घोषणा

हादसे की जानकारी मिलने के बाद मंत्री तुलसी सिलावट पहले एमवाय अस्पताल पहुंचे और घायलों से मुलाकात कर उनके इलाज की जानकारी ली। जिसमें बाद मंत्री घटनाथल पर भी पहुंचे। मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री की ओर से चारों मृतकों के परिवारों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। इसके साथ ही घायलों का निशुल्क इलाज और मृतकों के परिवार के बच्चों की शिक्षा पूरी तरह मुफ्त कराने की बात कही। मंत्री ने मामले की उच्चाधिकारी स्तर पर निष्पक्ष जांच के निर्देश भी दिए हैं। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।

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