Lalluram Desk. इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने वाले करोड़ों टैक्सपेयर्स के लिए इस बार बड़ा बदलाव किया गया है। आयकर विभाग ने ITR फाइलिंग पोर्टल पर “Receipts not in the nature of income” नाम से नया कॉलम जोड़ दिया है।

इस नए सेक्शन के आने के बाद कई लोगों के मन में सवाल है कि क्या अब उन पैसों का भी हिसाब देना होगा, जिन पर पहले टैक्स नहीं लगता था? हालांकि, टैक्स विशेषज्ञों का कहना है कि इस बदलाव से आपकी टैक्स देनदारी नहीं बढ़ेगी। इसका उद्देश्य केवल कुछ तरह की प्राप्त रकम का अलग रिकॉर्ड रखना है।

क्यों जोड़ा गया नया कॉलम?

विशेषज्ञों के मुताबिक आयकर विभाग ने यह कॉलम टैक्स बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि टैक्सपेयर्स के वित्तीय लेनदेन की बेहतर जानकारी जुटाने के लिए जोड़ा है। कई बार लोगों के बैंक खाते में ऐसी रकम आती है, जो देखने में आय (Income) जैसी लगती है, लेकिन वास्तव में वह आय नहीं होती। ऐसे मामलों को अलग पहचानने के लिए यह नया कॉलम बनाया गया है।

खास बात यह है कि यह कॉलम फिलहाल केवल ऑनलाइन ITR पोर्टल पर दिखाई देगा। कागजी ITR फॉर्म में इसे शामिल नहीं किया गया है।

किन पैसों की जानकारी देनी होगी?

अब टैक्सपेयर्स को केवल टैक्स-फ्री इनकम ही नहीं, बल्कि ऐसी रकम की जानकारी भी देनी होगी जो आय की श्रेणी में नहीं आती। इसमें शामिल हैं। बैंक, वित्तीय संस्था या किसी दोस्त-रिश्तेदार से लिया गया लोन। वसीयत (Will) या विरासत (Inheritance) में मिली संपत्ति या नकद राशि।

अपनी निजी पुरानी वस्तु या संपत्ति बेचने से प्राप्त रकम। गांव की कृषि भूमि बेचने से मिली राशि। इन रकमों पर टैक्स लागू होने का सवाल अलग-अलग नियमों पर निर्भर करता है, लेकिन इन्हें इस नए सेक्शन में जानकारी के रूप में दर्ज करना पड़ सकता है।

तोहफों पर टैक्स लगेगा?

टैक्स विशेषज्ञों के अनुसार, शादी-ब्याह में मिलने वाले उपहार, रिश्तेदारों से मिले तोहफे और लोन की रकम पर पहले की तरह ही कोई नया टैक्स नहीं लगाया गया है। इन पर लागू नियमों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

हालांकि, नया कॉलम भरते समय यह ध्यान रखना होगा कि इसमें केवल वही रकम दर्ज करें, जो वास्तव में आय (Income) नहीं है। गलत जानकारी देने या आय और गैर-आय वाली राशि को मिलाने से भविष्य में स्पष्टीकरण देना पड़ सकता है।

क्या टैक्स बढ़ जाएगा?

विशेषज्ञों का कहना है कि इस बदलाव का मतलब यह नहीं है कि आपकी टैक्स देनदारी बढ़ जाएगी। यह केवल एक सूचनात्मक (Disclosure) कॉलम है, जिससे आयकर विभाग अलग-अलग तरह की प्राप्त रकम का रिकॉर्ड रख सकेगा। यानी यदि आपके खाते में कोई ऐसी राशि आई है जो आय नहीं मानी जाती, तो उसकी जानकारी अलग से दर्ज की जा सकेगी।

नया कॉलम भरना अनिवार्य होगा?

चूंकि यह कॉलम नया है, इसलिए अभी यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं है कि इसे खाली छोड़ने पर ITR फॉर्म सबमिट होगा या नहीं। ऐसे में विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि यदि आपके पास ऐसी कोई राशि है जो आय की श्रेणी में नहीं आती, तो उसकी सही जानकारी इस कॉलम में दर्ज करें और आवश्यकता पड़ने पर टैक्स सलाहकार की राय भी लें।

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