IIT दिल्ली में एमएससी छात्र की मौत के बाद छात्रों का विरोध प्रदर्शन गुरुवार को चौथे दिन भी जारी रहा। इसी बीच संस्थान ने घटना की परिस्थितियों की जांच के लिए गठित बाहरी जांच समिति का पुनर्गठन किया है। अधिकारियों ने गुरुवार (27 अगस्त) को बताया कि इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT), दिल्ली ने जांच के लिए गठित बाहरी पैनल में बदलाव किया है। अब दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) की रिटायर्ड जज मुक्ता गुप्ता (Mukta Gupta) समिति की अध्यक्षता करेंगी। संस्थान के मुताबिक, पुनर्गठित समिति छात्र की मौत से जुड़ी परिस्थितियों की जांच करेगी। पैनल का उद्देश्य घटना से जुड़े तथ्यों और संस्थान से संबंधित पहलुओं की समीक्षा करना है।

IIT दिल्ली के एक छात्र की मौत की परिस्थितियों की जांच के लिए गठित समिति में बदलाव किया गया है। उत्तराखंड के पूर्व पुलिस महानिदेशक (DGP) अशोक कुमार ने समिति के अध्यक्ष पद से खुद को अलग कर लिया है। इसके बाद IIT दिल्ली ने जांच के लिए नई टीम का गठन किया है। संस्थान ने अब दिल्ली हाई कोर्ट की रिटायर्ड जज मुक्ता गुप्ता को समिति का अध्यक्ष चुना है। नई समिति छात्र की मौत से जुड़ी परिस्थितियों की जांच करेगी। IIT दिल्ली की ओर से समिति में बदलाव ऐसे समय किया गया है, जब छात्र की मौत को लेकर संस्थान में विरोध प्रदर्शन जारी है।

कैंपस में चौथे दिन भी जारी रहा छात्रों का प्रदर्शन

IIT दिल्ली में एमएससी फिजिक्स के 31 वर्षीय छात्र की मौत के बाद कैंपस में छात्रों का विरोध प्रदर्शन गुरुवार को चौथे दिन भी जारी रहा। घटना को लेकर छात्र जांच की प्रक्रिया और संस्थान की व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। इसी बीच IIT दिल्ली ने छात्र की मौत की परिस्थितियों की जांच के लिए नई समिति का गठन किया है। इससे पहले संस्थान ने मंगलवार को पांच सदस्यीय बाहरी जांच समिति गठित की थी। यह कदम छात्रों के परिसर में विरोध प्रदर्शन शुरू करने के बाद उठाया गया था।

जांच समिति में किया गया बदलाव

शुरुआत में गठित समिति की अध्यक्षता उत्तराखंड के पूर्व DGP अशोक कुमार कर रहे थे। हालांकि, उन्होंने समिति के अध्यक्ष पद से खुद को अलग कर लिया। इसके बाद संस्थान ने समिति का पुनर्गठन किया और दिल्ली हाई कोर्ट की रिटायर्ड जज मुक्ता गुप्ता को इसका अध्यक्ष नियुक्त किया।

विरोध के चलते सोमवार को कक्षाएं स्थगित

IIT दिल्ली में छात्र की मौत के बाद छात्रों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। प्रदर्शन को देखते हुए संस्थान प्रशासन ने सोमवार को कक्षाएं स्थगित करने का आदेश दिया था। घटना की जांच के लिए संस्थान ने बाहरी जांच समिति का गठन किया था, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों के साथ छात्र प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया था। शुरुआती समिति में उत्तराखंड के पूर्व पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार, एम्स नई दिल्ली के मनोचिकित्सा विभाग के प्रमुख प्रताप शर्मा, दो छात्र प्रतिनिधि और IIT दिल्ली के रजिस्ट्रार शामिल थे। अशोक कुमार IIT दिल्ली के पूर्व छात्र हैं और हरियाणा खेल विश्वविद्यालय के कुलपति भी हैं।

व्यक्तिगत कारणों से समिति से अलग हुए अशोक कुमार

एक सूत्र के मुताबिक, अशोक कुमार ने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए समिति से खुद को अलग कर लिया है। इसके बाद संस्थान ने जांच समिति का पुनर्गठन किया है और अब दिल्ली हाई कोर्ट की रिटायर्ड जज मुक्ता गुप्ता इसकी अध्यक्षता करेंगी। अधिकारियों के अनुसार, छात्र की मौत के मामले में पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने से संबंधित मामला दर्ज किया है। पुलिस घटना से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है।

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