लखीसराय। जिले में चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर राजनीतिक पारा चढ़ गया है। बुधवार को इंडिया गठबंधन के बैनर तले नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एक बड़ा और आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन किया। इस दौरान केंद्र सरकार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए गए, जिसने राज्य की सियासत में हलचल पैदा कर दी है।
अतिथि गृह से समाहरणालय तक विरोध मार्च
इंडिया गठबंधन के तमाम प्रमुख नेता और कार्यकर्ता बुधवार को एकजुट हुए और स्थानीय अतिथि गृह से एक जोरदार आक्रोश मार्च निकाला। यह मार्च शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए जिला समाहरणालय तक पहुंचा।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। समाहरणालय के नजदीक पहुंचने पर प्रदर्शनकारियों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तथा मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के पुतले फूंके। इस उग्र प्रदर्शन के जरिए उन्होंने अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की।

पारदर्शिता पर सवाल और निष्पक्ष जांच की मांग
प्रदर्शनकारियों का मुख्य आरोप था कि मतदाता सूची में जानबूझकर और बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां की जा रही हैं, जिससे पूरी चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गहरा संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने मांग की कि इन गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और सभी पात्र मतदाताओं के नाम तुरंत सूची में जोड़े जाएं।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष अमरेश कुमार अनीश ने इस आंदोलन को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि इस प्रदर्शन का एकमात्र उद्देश्य देश के नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करना और चुनाव प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ जैसे तीखे नारे लगाकर सरकार को कटघरे में खड़ा किया।
लोकतंत्र की रक्षा का संकल्प
इंडिया गठबंधन के नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि मतदाता सूची से जुड़ी शिकायतों का समय रहते समाधान नहीं किया गया, तो इस आंदोलन को और अधिक व्यापक बनाया जाएगा। यह विरोध प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि विपक्ष आगामी चुनावों में पारदर्शिता को लेकर किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।

