पश्चिम एशिया में तेजी से बदलते भू-राजनीतिक समीकरणों के बीच भारत ने साफ कर दिया है कि क्षेत्र में होने वाली हर गतिविधि पर उसकी पैनी नजर है। विदेश मंत्रालय का यह बयान ऐसे समय आया है, जब बांग्लादेश के ‘मक्का समझौते’ यानी प्रस्तावित ‘मुस्लिम नाटो’ का हिस्सा बनने की चर्चा तेज हो गई है। साथ ही, बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान की भारत यात्रा को लेकर भी स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है।

पश्चिम एशिया पर भारत की नजर

शुक्रवार को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पश्चिम एशिया की मौजूदा जियोपॉलिटिकल गतिविधियों को लेकर भारत की सतर्कता जाहिर की। भारतीय विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को साफ किया है कि पश्चिम एशिया में इस समय जो भी जियोपॉलिटिक्स चल रही है, वह उसकी नजरों से दूर नहीं है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि, पश्चिम एशिया में हर गतिविधियों पर हम लगातार नजदीकी निगाहें बनाए हुए हैं। इस समय मुझे सिर्फ इतना ही कहना है। भारत की तरफ से बांग्लादेश के लिए कड़ा संदेश माना जा रहा है।

‘मुस्लिम नाटो’ में शामिल हो सकता है बांग्लादेश?

बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार हुमायूं कबीर ने हाल ही में एक इंटरव्यू में संकेत दिया था कि ढाका सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के बीच हुए मक्का समझौते का हिस्सा बनने पर विचार कर सकता है। इस समझौते को कई रिपोर्टों में ‘मुस्लिम नाटो’ या ‘सुन्नी नाटो’ के तौर पर पेश किया जा रहा है। इसके तहत किसी एक सदस्य पर सशस्त्र हमला होने की स्थिति में उसे सभी सदस्यों पर हमला माना जाने की बात कही गई है।

तारिक रहमान की भारत यात्रा पर सस्पेंस

इसी बीच बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान की प्रस्तावित भारत यात्रा को लेकर भी असमंजस बना हुआ है। राष्ट्रपति भवन की ओर से पहले जारी बयान में उनकी भारत यात्रा का स्पष्ट संकेत मिला था, लेकिन बाद में उस बयान को वापस लेकर संशोधित बयान जारी किया गया।

विदेश मंत्रालय से जब इस घटनाक्रम पर सवाल पूछा गया तो रणधीर जायसवाल ने कहा कि फिलहाल उनके पास साझा करने के लिए कोई अपडेट नहीं है। उन्होंने कहा कि जानकारी मिलने पर उसे सार्वजनिक किया जाएगा।

भारत-बांग्लादेश संबंधों पर नजर

बांग्लादेश की बदलती विदेश नीति और पश्चिम एशिया में बन रहे नए रणनीतिक समीकरणों के बीच भारत की चिंता स्वाभाविक मानी जा रही है। खासकर पाकिस्तान, तुर्की और सऊदी अरब के साथ ढाका के संभावित बढ़ते रणनीतिक संपर्क पर नई दिल्ली की नजर बनी हुई है। ऐसे में आने वाले दिनों में भारत-बांग्लादेश संबंध, तारिक रहमान की संभावित भारत यात्रा और बांग्लादेश के ‘मक्का समझौते’ को लेकर रुख क्षेत्रीय कूटनीति के अहम मुद्दे बन सकते हैं।

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