India Slams Pakistan At UNGA: संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सेशन में पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ (Shehbaz Sharif) ने अपने दिए भाषण में एक बार फिर कश्मीर राग अलापा। वहीं सिंधु नदी का पानी नहीं रोकने की चेतावनी देते हुए युद्ध की धमकी दी। साथ ही भारत में इस्लामोफोबिया का मुद्धा उठाया। अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान पीएम शाहबाज शरीफ इस ओछी बयानबाजी का पलटवार करते हुए भारत ने UNGA में पाकिस्तान को धो डाला। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन की फर्स्ट सेक्रेटरी पेटल गहलोत (Petal Gehlot)ने भारत के जवाब देने के अधिकार का इस्तेमाल करते हुए शहबाज शहबाज के दावों और धमकी की धज्जियां उड़ा दी।

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन की फर्स्ट सेक्रेटरी पेटल गहलोत ने जम्मू और कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग करार दिया है। पेटल गहलोत ने UNGA के मंच पर साफ कहा कि भारत सिर्फ पीओके पर बात करेगा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की आतंकवाद, धोखेबाजी और दोहरेपन की नीति से न तो उसे और न ही दुनिया को कोई फायदा होगा।

पेटल गहलोत ने पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ के भाषण पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आज दोपहर महासभा ने पाकिस्तान के प्रतिनिधि की कुछ अजीब टिप्पणियां सुनीं। यह ऐसे समय में हुआ है, जब न्यूयॉर्क शहर और दुनिया ने 9/11 आतंकी हमले की 25वीं बरसी मनाई है। उन्होंने कहा कि इस संदर्भ को ध्यान में रखना जरूरी है, क्योंकि 9/11 हमले का मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन पाकिस्तानी सेना की प्रमुख अकादमी के ठीक पास रह रहा था। उन्होंने कहा कि आज पाकिस्तान के प्रतिनिधि ने इसी संस्था के सामने गहरी श्रद्धा दिखाई। पेटल गहलोत ने कहा कि यह सब उस बात से ही उम्मीद की जा सकती है, जिसे खुद पाकिस्तानी लोग ‘फॉर्म 47 सरकार’ कहते हैं।

‘पाकिस्तान में कट्टरता, नफरत का लंबा रिकॉर्ड है’ 

गहलोत ने कहा कि पाकिस्तान की असलियत उसके 27वें संशोधन में है। साथ ही उनके वास्तविक शासन को दी लाइफ लॉन्ग इम्यूनिटी में व्यक्त होती हैष हमने जो विचार सुने हैं, वे उन लोगों की तरफ से आए हैं, जिनका कट्टरता, नफरत का लंबा रिकॉर्ड रहा है। वे दिन में सिक्योरिटी का दावा करते हैं और रात में आतंकवाद को अंजाम देते हैं।

खोखली बातें दुनिया को गुमराह नहीं कर सकतीं

गहलोत ने आगे कहा कि मिस्टर प्रेसिडेंट हमने जो विचार सुने, वे ऐसे लोगों की तरफ़ से आए हैं जिनका कट्टरता और नफ़रत का लंबा इतिहास रहा है। वे दिन में सुरक्षा बनाए रखने का दावा करते हैं और असल में वे रात में आतंकवाद फैलाते है। इस असेंबली में धार्मिक असहिष्णुता के बारे में बातें उस सरकार ने कीं, जिसका मुख्य आधार ही ईशनिंदा कानून हैं। दुनिया जानती है कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के साथ कैसा व्यवहार किया जाता है। कोई भी खोखली-मीठी बातें दुनिया को गुमराह नहीं कर सकतीं।

जम्मू-कश्मीर पर भी भारत का जवाब

पेटल गहलोत ने कहा कि भारतीय संघ के केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर का भी जिक्र किया गया। यह मेरे देश का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है और हमेशा रहेगा। उन्होंने कहा, ‘लेकिन अगर हमें कश्मीर की बात करनी ही है, तो आइए पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर की ओर ध्यान दें। रावलकोट के लोगों से वहां लंबे समय से झेली जा रही मनमानी हत्याओं, क्रूर हिंसा और बुनियादी अधिकारों से वंचित किए जाने के बारे में पूछिए।

क्या है  फॉर्म 47 सरकार का मतलब

‘फॉर्म 47 सरकार’ पाकिस्तान में इस्तेमाल होने वाला एक राजनीतिक शब्द है, जिसका इस्तेमाल पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) जैसी विपक्षी पार्टियां प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की गठबंधन सरकार के लिए करती हैं। फॉर्म 47 पाकिस्तान चुनाव आयोग का आधिकारिक दस्तावेज है। इसका इस्तेमाल किसी निर्वाचन क्षेत्र के अनकंफर्म नतीजों को दर्ज करने के लिए किया जाता है। यह प्रक्रिया अंतिम वेरिफिकेशन से पहले की जाती है।

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