रांची। भारत और वेस्टइंडीज के बीच 9 अक्टूबर को जेएससीए इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में होने वाले दूसरे टी-20 मुकाबले को लेकर रोमांच बढ़ गया है। मुकाबले में टॉस अहम भूमिका निभा सकता है। रांची की पिच को आमतौर पर बल्लेबाजों और गेंदबाजों के लिए संतुलित माना जाता है, लेकिन मैच के दौरान बादल और रात में पड़ने वाली ओस टीमों की रणनीति को प्रभावित कर सकती है।

रांची में भारत का रिकॉर्ड मजबूत

जेएससीए स्टेडियम में अब तक चार टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले गए हैं। इनमें भारत ने तीन मैच जीते हैं, जबकि एक में उसे हार मिली है। आंकड़ों के मुताबिक यहां पहले बल्लेबाजी करने और लक्ष्य का पीछा करने वाली टीमों ने दो-दो मुकाबले जीते हैं।

यानी रांची में टॉस जीतना जीत की गारंटी नहीं है, लेकिन मौसम और पिच की परिस्थितियों को देखते हुए टॉस के बाद लिया गया फैसला मुकाबले में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

नई गेंद से तेज गेंदबाजों को मिल सकती है मदद

मैच की शुरुआत में पिच पर गेंद को अच्छी गति और उछाल मिलने की संभावना है। नई गेंद से तेज गेंदबाजों को शुरुआती ओवरों में स्विंग भी मिल सकती है। ऐसे में बल्लेबाजों के लिए पारी की शुरुआत चुनौतीपूर्ण हो सकती है।

मैच आगे बढ़ने के साथ पिच के थोड़ा धीमा होने पर स्पिन गेंदबाजों को टर्न और ग्रिप मिलने की उम्मीद है। ऐसे में दोनों टीमों के कप्तानों को परिस्थितियों के अनुसार गेंदबाजी संयोजन तय करना होगा।

रात की ओस पर भी रहेंगी नजरें

रांची में रात के समय ओस मैच का अहम फैक्टर हो सकती है। ओस पड़ने के बाद गेंद गीली होने से गेंदबाजों के लिए उसे पकड़ना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी करने का विकल्प चुन सकती है, ताकि दूसरी पारी में बल्लेबाजी के दौरान ओस का फायदा मिले।

हालांकि, रांची में खेले गए पिछले चार टी-20 मुकाबलों के आंकड़े बताते हैं कि पहले बल्लेबाजी और लक्ष्य का पीछा करने वाली टीमों का रिकॉर्ड यहां बराबर रहा है।

भारत के नाम है JSCA का सबसे बड़ा स्कोर

जेएससीए स्टेडियम में अब तक का सबसे बड़ा टीम स्कोर 196 रन है। भारत ने फरवरी 2016 में श्रीलंका के खिलाफ यह स्कोर बनाया था। इससे संकेत मिलता है कि परिस्थितियां अनुकूल होने पर इस मैदान पर बल्लेबाज बड़ा स्कोर खड़ा कर सकते हैं।

आज दोनों टीमें करेंगी तीन-तीन घंटे अभ्यास

9 अक्टूबर के मुकाबले से पहले गुरुवार को भारत और वेस्टइंडीज की टीमें जेएससीए स्टेडियम में अभ्यास करेंगी। दोनों टीमों के लिए तीन-तीन घंटे का अभ्यास स्लॉट तय किया गया है।

सबसे पहले वेस्टइंडीज की टीम अभ्यास करेगी, जिसके बाद भारतीय टीम मैदान पर उतरेगी। मैच से एक दिन पहले दोनों टीमें पिच और मैदान की परिस्थितियों को परखने के साथ अपनी रणनीति को अंतिम रूप देंगी।