हेमंत शर्मा, इंदौर। इंदौर में पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ के प्रस्तावित शो से पहले विवाद गहरा गया है। मेयर कार्यालय को शो रोकने की धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद पुलिस को जानकारी दी गई है। दूसरी ओर महापौर की ओर से दिलजीत को देशभक्त बताने पर कांग्रेस ने सवाल खड़े कर दिए हैं। विपिन वानखेड़े ने चुनौती दी कि अगर इतना ही देशभक्ति का दावा है तो इंदौर की जनता को हजारों रुपये के टिकट खरीदने पर मजबूर क्यों किया जा रहा है?

इंदौर में दिलजीत दोसांझ का शो अभी हुआ भी नहीं है, लेकिन उससे पहले ही शहर में धमकी, देशभक्ति और करोड़ों की कमाई को लेकर सियासी घमासान शुरू हो गया है। एक तरफ महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने धमकी भरे ईमेल की जानकारी पुलिस कमिश्नर को देने की बात कही है, तो दूसरी तरफ कांग्रेस ने बीजेपी नेताओं की ओर से दिलजीत को देशभक्त बताए जाने पर तंज कसा है। कांग्रेस का सीधा सवाल है कि अगर कलाकार का कार्यक्रम देशभक्ति से जुड़ा है, तो फिर आम जनता से हजारों रुपये के टिकट क्यों वसूले जा रहे हैं?

धमकी भरे ईमेल से हड़कंप, मेयर ने पुलिस कमिश्नर को दी जानकारी

दिलजीत दोसांझ का शो नहीं होने देने को लेकर महापौर पुष्यमित्र भार्गव के ईमेल पर धमकी भरा संदेश आने की बात सामने आई है। महापौर ने बताया कि उन्होंने यह ईमेल पुलिस कमिश्नर को फॉरवर्ड कर दिया है। उनका कहना है कि इंदौर पुलिस ऐसी धमकियों से निपटने में सक्षम है और किसी भी धमकी के कारण शहर में होने वाले कार्यक्रमों पर असर नहीं पड़ना चाहिए। महापौर ने कहा कि देशभक्त लोगों के कार्यक्रम इंदौर में होते रहने चाहिए। इस तरह की धमकियों से आयोजनों को रोकने की कोशिश सफल नहीं होगी। हालांकि, धमकी भरे ईमेल की प्रकृति और उसके पीछे किसका हाथ है, इसकी जांच पुलिस के स्तर पर की जानी है।

देशभक्ति का सर्टिफिकेट बांटने का टेंडर BJP ने ले रखा है- कांग्रेस

धमकी के बीच महापौर के बयान पर कांग्रेस ने राजनीतिक हमला तेज कर दिया है। पूर्व विधायक और ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष विपिन वानखेड़े ने बीजेपी नेताओं पर देशभक्ति का सर्टिफिकेट बांटने का आरोप लगाया। वानखेड़े ने तंज कसते हुए कहा कि दिल्ली के बीजेपी नेताओं से लेकर अब इंदौर के नेताओं ने भी देशभक्ति का सर्टिफिकेट बांटने का टेंडर ले लिया है। उन्होंने महापौर पुष्यमित्र भार्गव से सवाल किया कि अगर दिलजीत दोसांझ को देशभक्त का सर्टिफिकेट दिया जा रहा है, तो उनका इंदौर शो मुफ्त में क्यों नहीं कराया जाता?

हजारों रुपये के टिकट, करोड़ों की कमाई… फिर जनता को क्या मिला?

कांग्रेस ने शो के टिकटों की कीमत और कलाकार की कमाई को मुद्दा बनाया है। विपिन वानखेड़े का कहना है कि इंदौर में हजारों रुपये के टिकट बेचे जा रहे हैं और कलाकार यहां से करोड़ों रुपये कमाकर जाएंगे। अगर इस कार्यक्रम को देशभक्ति से जोड़कर पेश किया जा रहा है, तो इंदौर की जनता को यह शो मुफ्त में देखने का मौका मिलना चाहिए। कांग्रेस ने महापौर को चुनौती देते हुए कहा कि देशभक्ति का संदेश देने वाले कार्यक्रम के लिए जनता की जेब पर बोझ क्यों डाला जा रहा है? क्या देशभक्ति का मतलब सिर्फ मंच से तारीफ करना और कलाकार को प्रमाणपत्र देना है, या जनता को भी इसका कोई लाभ मिलना चाहिए?

दिलजीत के पुराने बयानों और खालिस्तान पर रुख को लेकर भी सवाल

विपिन वानखेड़े ने दिलजीत दोसांझ के पुराने बयानों और खालिस्तान को लेकर उनके विचारों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि किसी को देशभक्त बताने से पहले उसके पुराने बयानों और विचारों को भी देखा जाना चाहिए। वानखेड़े ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दिलजीत दोसांझ के बीच सार्वजनिक रूप से दिखाई देने वाली नजदीकी को लेकर भी राजनीतिक टिप्पणी की। कांग्रेस नेता ने युवाओं को लेकर दिलजीत के पुराने बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि देश का युवा इन बातों को भूला नहीं है। उनके मुताबिक, आने वाले समय में जनता इन मुद्दों पर अपना जवाब देगी।

पानी-सड़क और ट्रैफिक छोड़ महापौर का ध्यान दिलजीत पर- कांग्रेस

कांग्रेस ने इस विवाद के बहाने महापौर को इंदौर की बदहाल व्यवस्थाओं पर भी घेरा। वानखेड़े ने कहा कि महापौर की जिम्मेदारी शहर के विकास, पानी की समस्या, सड़कों की हालत और ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने की है, लेकिन उनका ध्यान इन मुद्दों के बजाय दिलजीत दोसांझ के कार्यक्रम और देशभक्ति का सर्टिफिकेट बांटने पर है। उन्होंने कहा कि इंदौर की जनता आने वाले समय में महापौर से भी जवाब मांगेगी। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि शहर की बुनियादी समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय इस कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक बयानबाजी की जा रही है।

शो से पहले दो मोर्चों पर घिरी सियासत

दिलजीत दोसांझ का इंदौर शो अब दो बड़े सवालों के बीच आ गया है। पहला, धमकी भरे ईमेल के पीछे कौन है और पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई करती है? दूसरा, देशभक्ति के नाम पर हो रही बयानबाजी और महंगे टिकटों को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब कौन देगा? महापौर ने साफ किया है कि धमकियों से इंदौर में कार्यक्रमों पर असर नहीं पड़ना चाहिए, जबकि कांग्रेस ने मुफ्त शो कराने की चुनौती देकर विवाद को नया राजनीतिक मोड़ दे दिया है। अब निगाहें पुलिस की जांच, आयोजकों की तैयारियों और महापौर के जवाब पर हैं। दिलजीत के शो से पहले इंदौर में गानों से ज्यादा सियासत का शोर सुनाई दे रहा है।

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