Infantry Day 2026 : हरियाणा। इन्फैंट्री डे के अवसर पर हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने भारतीय सेना के जवानों के साहस, समर्पण और बलिदान को नमन किया। उन्होंने देश की सीमाओं की रक्षा में तैनात सैनिकों के योगदान को याद करते हुए कहा कि मातृभूमि की सुरक्षा के लिए जवान हर चुनौती का सामना करते हैं। उनका त्याग और कर्तव्यनिष्ठा पूरे देश के लिए प्रेरणा है।
27 अक्टूबर 1947 से जुड़ा है इन्फैंट्री डे का इतिहास
भारतीय सैन्य इतिहास में 27 अक्टूबर का दिन विशेष महत्व रखता है। वर्ष 1947 में इसी दिन पाकिस्तान समर्थित कबायली हमलावरों के जम्मू-कश्मीर में घुसने के बाद भारतीय सेना की पहली सिख रेजिमेंट के जवान हवाई मार्ग से श्रीनगर पहुंचे थे। सैनिकों ने वहां मोर्चा संभालकर हमलावरों को रोकने और कश्मीर की रक्षा के लिए अभियान शुरू किया।
इस सैन्य कार्रवाई को भारतीय सेना के साहस और त्वरित निर्णय का महत्वपूर्ण उदाहरण माना जाता है। इसी ऐतिहासिक घटना की याद में हर साल 27 अक्टूबर को इन्फैंट्री डे मनाया जाता है।
दुर्गम इलाकों में देश की सुरक्षा करते हैं जवान
भारतीय सेना की इन्फैंट्री सीमाओं की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाती है। पहाड़ों, घने जंगलों, रेगिस्तानी क्षेत्रों और कठिन सीमावर्ती इलाकों में तैनात सैनिक विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं। सीमा सुरक्षा के साथ आतंकवाद विरोधी अभियानों में भी इन्फैंट्री के जवान महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाते हैं।
अनिल विज ने सैनिकों के इसी समर्पण और अनुशासन को देश की ताकत बताते हुए उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया।
शहीदों और पूर्व सैनिकों के योगदान को किया याद
इन्फैंट्री डे पर अनिल विज ने वीर सैनिकों, पूर्व सैनिकों और देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने सैनिकों के त्याग को राष्ट्र के लिए गौरव का विषय बताया।
सैनिकों की वीरता और बलिदान की कहानियां नई पीढ़ी को देशसेवा के लिए प्रेरित करती हैं। इन्फैंट्री डे उन सभी जवानों के योगदान को याद करने का अवसर है, जो देश की सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए कठिन परिस्थितियों में भी डटे रहते हैं।
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m

