Business Desk – Inflation Rises May 2026 : आने वाले दिनों में, रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल होने वाले जरूरी उपभोक्ता उत्पाद महंगे हो सकते हैं. Systematix Research की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कच्चे माल की बढ़ती कीमतों की वजह से कंपनियों पर लगातार महंगाई का दबाव पड़ रहा है, जिसके चलते वे अपने उत्पादों की कीमतें बढ़ा सकती हैं.

रिपोर्ट से पता चलता है कि अलग-अलग कैटेगरी की कंपनियों ने पिछले एक-दो महीनों में ही अपने उत्पादों की कीमतें औसतन 3% से 7% तक बढ़ा दी हैं. इसकी मुख्य वजह यह है कि कंपनियों के कच्चे माल की लागत औसतन लगभग 10% बढ़ गई है.

खुदरा महंगाई बढ़कर 3.48% हुई

अप्रैल महीने के लिए खुदरा महंगाई दर बढ़कर 3.48% हो गई है. इससे पहले, मार्च में यह 3.40% थी. महंगाई में इस बढ़ोतरी की सबसे बड़ी वजह खाने-पीने की चीज़ों की कीमतों में हुई बढ़ोतरी है. अप्रैल में खाने-पीने की चीज़ों की महंगाई दर बढ़कर 4.20% हो गई, जबकि मार्च में यह आंकड़ा 3.87% था.

कीमतें बढ़ाने के साथ-साथ कंपनियां उत्पादों का वजन भी कम कर सकती हैं

कच्चे माल की लागत में हुई इस बढ़ोतरी की भरपाई करने के लिए कंपनियाँ दोहरी रणनीति अपना सकती हैं. कीमतें बढ़ाना और साथ ही “ग्रामेज कट” (grammage cuts) लागू करना यानी, पैकेज के अंदर उत्पाद का वजन या मात्रा कम कर देना.

पाम ऑयल, कच्चा तेल और पैकेजिंग की लागत बढ़ी

पैकेजिंग सामग्री (HDPE): हाई-डेंसिटी पॉलीइथाइलीन (HDPE)—जिस प्लास्टिक का इस्तेमाल शैम्पू की बोतलों, डिटर्जेंट के डिब्बों और लचीली पैकेजिंग में होता है. कीमतें 56% तक बढ़ गई हैं.

कच्चा तेल और पाम ऑयल: मध्य-पूर्व में चल रहे तनाव के बीच, ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें 32% तक बढ़ गई हैं. इसके साथ ही, पाम ऑयल की कीमतों में भी 11% की बढ़ोतरी देखने को मिली है.

कॉर्पोरेट मुनाफे और मार्जिन पर असर पड़ने की उम्मीद

कच्चे माल की बढ़ती कीमतों का असर मार्च तिमाही (Q4FY26) में ही दिखना शुरू हो गया था, जब बड़ी कंपनियों के ग्रॉस मार्जिन में गिरावट आई थी. साल-दर-साल आधार पर, इन मार्जिन में 0.50% की कमी आई. मौजूदा महंगाई का सबसे बड़ा असर वित्त वर्ष 2027 (H1FY27) की पहली छमाही में देखने को मिल सकता है.

बढ़ती लागत की भरपाई करने के लिए कंपनियां नुकसान से बचने के लिए अपने उत्पादों की कीमतें बढ़ा रही हैं. हालाँकि, महंगाई इतनी ज्यादा है कि इस बात का खतरा बना हुआ है कि 2026-27 के वित्त वर्ष के दौरान कंपनियों का कुल मुनाफा मार्जिन कम ही रहेगा.

कमाई बढ़ने की उम्मीद, लेकिन खपत घटने का डर

रिपोर्ट में यह चेतावनी भी दी गई है कि बढ़ती खुदरा महंगाई आने वाले महीनों में खपत की मात्रा (यानी, सामानों की कुल खपत या बिक्री) पर बुरा असर डाल सकती है.