Business Desk : प्राइमरी मार्केट में इस हफ्ते 5 कंपनियों के IPO खुलने जा रहे हैं। ये कंपनियां मिलकर करीब 2,600 करोड़ रुपए जुटाने की तैयारी में हैं। इनके पब्लिक इश्यू 26 से 29 अक्टूबर के बीच खुलेंगे। निवेशकों को अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट, वेस्टवॉटर ट्रीटमेंट, ज्वेलरी, पॉलिमर्स और स्टील प्रोसेसिंग सेक्टर की कंपनियों में निवेश का मौका मिलेगा।
कंपनियां IPO से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल कर्ज चुकाने, वर्किंग कैपिटल और कारोबार के विस्तार में करेंगी। हालांकि, कुछ इश्यू ऑफर फॉर सेल (OFS) भी हैं, जिनसे मिलने वाला पैसा कंपनी के बजाय मौजूदा शेयरहोल्डर्स को जाएगा।
- EAAA इंडिया अल्टरनेटिव्स IPO: 1,200 करोड़ रुपए का इश्यू
एडेलवाइस फाइनेंशियल सर्विसेज की सब्सिडियरी EAAA इंडिया अल्टरनेटिव्स का IPO 26 अक्टूबर को खुलेगा और 28 अक्टूबर को बंद होगा। कंपनी ने प्रति शेयर 1,585 रुपए से 1,665 रुपए का प्राइस बैंड तय किया है। अपर प्राइस बैंड पर कंपनी का वैल्युएशन करीब 10,765 करोड़ रुपए है।
यह पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) है। यानी मौजूदा शेयरहोल्डर अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे और कंपनी को इस इश्यू से सीधे कोई रकम नहीं मिलेगी। कंपनी ने एंकर निवेशकों से करीब 360 करोड़ रुपए जुटाने की जानकारी भी दी है।
- SFC एनवायरनमेंटल टेक्नोलॉजीज IPO: 668 करोड़ रुपए जुटाने की तैयारी
वेस्टवॉटर ट्रीटमेंट सॉल्यूशंस देने वाली SFC एनवायरनमेंटल टेक्नोलॉजीज का IPO 29 अक्टूबर को बंद होगा। कंपनी ने 313 रुपए से 330 रुपए प्रति शेयर का प्राइस बैंड रखा है। अपर प्राइस बैंड पर इसका वैल्युएशन करीब 3,233 करोड़ रुपए है।
इश्यू में 150 करोड़ रुपए के फ्रेश शेयर और प्रमोटर्स व मौजूदा शेयरहोल्डर्स की ओर से 1.57 करोड़ शेयरों का OFS शामिल है। फ्रेश इश्यू से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कर्ज चुकाने और वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने में किया जाएगा।
- MK संस फाइन ज्वैल्स IPO: 275.4 करोड़ रुपए का पब्लिक इश्यू
ज्वेलरी रिटेलर MK संस फाइन ज्वैल्स का IPO 28 अक्टूबर को खुलेगा और 30 अक्टूबर को बंद होगा। कंपनी ने 153 रुपए से 162 रुपए प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है।
इसमें 1.36 करोड़ शेयरों का फ्रेश इश्यू और प्रमोटर रामचंद्र मुरलीधर रायमलानी की ओर से 34 लाख शेयरों का OFS शामिल है। कंपनी इस रकम का इस्तेमाल महाराष्ट्र में नया शोरूम खोलने, गुजरात के शोरूम के विस्तार के लिए इन्वेंट्री जुटाने, कर्ज चुकाने और सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों को पूरा करने में करेगी।
- BLS पॉलिमर्स IPO: 255 करोड़ रुपए का फ्रेश इश्यू
BLS पॉलिमर्स का IPO 27 से 29 अक्टूबर तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला रहेगा। कंपनी ने 142 रुपए से 150 रुपए प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। यह 1.7 करोड़ इक्विटी शेयरों का पूरी तरह फ्रेश इश्यू है।
कंपनी 77.56 करोड़ रुपए मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के विस्तार और उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर खर्च करेगी। वहीं, 89.5 करोड़ रुपए वर्किंग कैपिटल की जरूरतों के लिए रखे गए हैं। बाकी रकम सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों में इस्तेमाल की जाएगी।
- बॉम्बे कोटेड एंड स्पेशल स्टील्स IPO: 183.1 करोड़ रुपए का इश्यू
बॉम्बे कोटेड एंड स्पेशल स्टील्स का IPO 29 अक्टूबर को खुलेगा और 2 नवंबर को बंद होगा। कंपनी ने 78 रुपए से 82 रुपए प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। यह पूरी तरह फ्रेश इश्यू होगा।
कंपनी 125 करोड़ रुपए कर्ज चुकाने पर खर्च करेगी। इसके अलावा, 15.7 करोड़ रुपए का इस्तेमाल सीमेंस फाइनेंशियल सर्विसेज के साथ मौजूदा लीज एग्रीमेंट के तहत कैपिटल इक्विपमेंट की लागत को फाइनेंस करने में होगा। बाकी रकम सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों के लिए इस्तेमाल की जाएगी।

नवंबर में भी कई IPO आने की तैयारी
मर्चेंट बैंकरों के मुताबिक, गुजरात विक्ट्री फॉर्जिंग, माइलस्टोन गियर्स, अवाडा इलेक्ट्रो, स्वरा बेबी प्रोडक्ट्स, इंटीग्रिस मेडटेक और AGS हेल्थ जैसी कंपनियां भी IPO लाने की तैयारी में हैं। इनके प्राइस बैंड और लॉन्च प्लान की घोषणा 5 नवंबर तक होने की उम्मीद जताई गई है।
प्राइमरी मार्केट में तेजी, 2026 में जुटाए 1.4 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा
दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, 2026 में अब तक 104 कंपनियां IPO के जरिए 1.4 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा जुटा चुकी हैं। इससे प्राइमरी मार्केट में कंपनियों की फंड जुटाने की गतिविधियों का अंदाजा मिलता है। हालांकि, IPO में निवेश से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, वैल्युएशन, कारोबार की संभावनाओं और जोखिमों को समझना जरूरी है।
Fresh Issue और OFS में क्या अंतर है?
फ्रेश इश्यू: इसमें कंपनी नए शेयर जारी करती है। इससे मिलने वाला पैसा सीधे कंपनी के पास जाता है, जिसका इस्तेमाल कारोबार बढ़ाने, कर्ज चुकाने या नए प्रोजेक्ट्स में किया जा सकता है।
ऑफर फॉर सेल (OFS): इसमें मौजूदा प्रमोटर्स या निवेशक अपने शेयर बेचते हैं। इससे मिलने वाली रकम शेयर बेचने वाले निवेशकों को मिलती है, कंपनी को नहीं।
नोट: IPO की तारीखें, इश्यू साइज और अन्य विवरण निवेश से पहले संबंधित कंपनी के आधिकारिक दस्तावेजों से जांच लें। IPO में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है।

