लखनऊ. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है. कैराना से सपा सांसद इकरा हसन के कांग्रेस पर किए गए हमले के बाद कांग्रेस नेता वसीम वकार ने पलटवार किया है. इकरा हसन ने कहा था कि सपा-कांग्रेस गठबंधन रहा तो ठीक है, लेकिन अगर गठबंधन नहीं हुआ तो इसका नुकसान कांग्रेस को होगा. उन्होंने यह भी कहा था कि कांग्रेस अकेले चुनाव लड़कर कुछ नहीं कर पाएगी.

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‘गठबंधन नहीं होता तो सांसद न बनतीं’

वसीम वकार ने इकरा हसन के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह कांग्रेस के साथ गठबंधन की वजह से सांसद बनी हैं. उन्होंने दावा किया कि अगर सपा का कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं होता तो इकरा हसन संसद नहीं पहुंचतीं. वकार ने यह भी कहा कि संभव है कि इकरा हसन से बोलने में गलती हुई हो.

‘अभी राजनीति में नई-नई हैं’

कांग्रेस नेता ने इकरा हसन के राजनीतिक अनुभव पर भी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि इकरा हसन अभी राजनीति में नई-नई हैं और शायद उन्हें यह जानकारी नहीं है कि राजनीतिक मुद्दों पर किस तरह बयान दिया जाता है. उनका यह बयान सपा-कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर चल रही सार्वजनिक बयानबाजी के बीच आया है.

इमरान मसूद के बयान से शुरू हुई तकरार

दरअसल, कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने हाल में सपा के साथ गठबंधन और सीट शेयरिंग को जल्द अंतिम रूप देने की बात कही थी. उन्होंने कहा था कि गठबंधन करना है तो इसे जल्द तय किया जाए, वरना कांग्रेस अपनी तैयारी करेगी. मसूद ने कांग्रेस को भाजपा के खिलाफ मुकाबले के लिए जरूरी बताते हुए गठबंधन पर फैसला लेने की बात कही थी.

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इकरा बोलीं- अखिलेश अकेले काफी

इमरान मसूद के बयान पर इकरा हसन ने कहा था कि उत्तर प्रदेश में भाजपा का मुकाबला करने के लिए अखिलेश यादव काफी हैं. उन्होंने कांग्रेस के अकेले चुनाव लड़ने की स्थिति पर भी सवाल उठाए और कहा कि गठबंधन टूटने पर नुकसान कांग्रेस को होगा. इन बयानों के बाद अब दोनों दलों के नेताओं के बीच सार्वजनिक बयानबाजी तेज होती दिख रही है. हालांकि, 2027 के चुनाव को लेकर सपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन की अंतिम तस्वीर अभी स्पष्ट नहीं है.