दुर्गेश राजपूत, नर्मदापुरम। मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम के माखननगर के ममता वेयरहाउस में शर्मनाक मामला सामने आया। यहाँ सर्वेयर संदीप खुराना ने जब प्यास लगने पर नल से पानी पिया, तो कर्मचारी दिनेश यादव का पारा सातवें आसमान पर चढ़ गया। दिनेश ने मर्यादा की सारी हदें पार करते हुए कहा “नल झूठा कर दिया, तुम्हारे बाप-दादा नाले-नहर का पानी पीकर मर गए, तुम्हें अब नलों का पानी चाहिए!” जातिसूचक गालियों और अपमान का यह वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है, जो समाज की सड़ चुकी मानसिकता को उजागर करता है।
सिर्फ जातिवाद ही नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार का दबाव भी चरम पर है। श्री हरि वेयरहाउस में जब सर्वेयर पंकज अहिरवार ने खराब गेहूं की ट्रॉली रिजेक्ट की, तो वहां मौजूद धन्नू नामक शख्स ने ‘बॉस’ बनने की कोशिश की। पंकज ने सफाई की बात कही, तो बदले में उसे लात-घूंसे और जान से मारने की धमकी मिली। आलम यह है कि पुलिस ने भी इसमें एफआईआर के बजाय महज़ ‘NCR’ काटकर मामले को ठंडे बस्ते में डालने की कोशिश की है। सिवनी मालवा में भी कॉलर पकड़कर झूमाझटकी के वीडियो ने व्यवस्था की पोल खोल दी है। 4 दिन में 3 बड़ी वारदातों से आक्रोशित सर्वेयरों ने सोमवार को काम ठप कर दिया और कलेक्ट्रेट पहुँच गए।
सर्वेयरों का साफ कहना है कि समिति और वेयरहाउस कर्मचारी उन पर नॉन एफएक्यू (FAQ) गेहूं पास करने का दबाव बनाते हैं और न मानने पर मारपीट करते हैं। एएसपी अभिषेक राजन ने जांच का भरोसा तो दिया है, लेकिन सवाल वही है,क्या ईमानदारी से ड्यूटी करने वालों को प्यास लगने पर अपमान और रिजेक्शन पर मारपीट ही मिलेगी?

