Lifestyle Desk : कुछ लोगों को खाना खाने के बाद कुछ मीठा खाने की आदत होती है। खासकर रात के भोजन के बाद मीठा खाने का मन ज्यादा करता है। कई बार पेट भर जाने के बावजूद मिठाई, चॉकलेट, आइसक्रीम या मीठी चीजें खाने की इच्छा होती है। इसे शुगर क्रेविंग कहा जाता है।

शुरुआत में यह आदत सामान्य लग सकती है, लेकिन रोजाना रात में अधिक मात्रा में मीठा खाना सेहत के साथ त्वचा पर भी असर डाल सकता है। इससे मुंहासे, त्वचा की चमक कम होने और समय से पहले झुर्रियां आने जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। आइए जानते हैं कि रात में मीठा खाने की आदत त्वचा को किस तरह प्रभावित कर सकती है।

रात में मीठा खाने से स्किन पर क्या असर पड़ता है?

बढ़ सकती है मुंहासों की समस्या
अगर आप रोजाना रात में मिठाई, चॉकलेट या अधिक चीनी वाली चीजें खाते हैं, तो इसका असर त्वचा पर दिखाई दे सकता है। अधिक चीनी वाले खाद्य पदार्थों के सेवन से शरीर में रक्त शर्करा तेजी से बढ़ सकती है। इससे इंसुलिन और आईजीएफ-1 जैसे हार्मोन के स्तर पर असर पड़ता है। ये हार्मोन त्वचा में तेल (सीबम) का उत्पादन बढ़ा सकते हैं। अतिरिक्त तेल और बंद रोमछिद्रों की वजह से मुंहासों की समस्या बढ़ सकती है। हालांकि, हर व्यक्ति की त्वचा पर इसका असर एक जैसा नहीं होता।

त्वचा की चमक हो सकती है कम
अधिक मात्रा में चीनी का सेवन त्वचा की सेहत को प्रभावित कर सकता है। जब शरीर में शुगर की मात्रा अधिक रहती है, तो ग्लाइकेशन नाम की प्रक्रिया होती है। इसमें अतिरिक्त शुगर त्वचा में मौजूद कोलेजन और इलास्टिन जैसे प्रोटीन से जुड़ सकती है। इससे उनकी सामान्य कार्यक्षमता प्रभावित होती है। कोलेजन त्वचा को कसाव देने में मदद करता है। ऐसे में लंबे समय तक अधिक चीनी का सेवन त्वचा की चमक और कसावट पर नकारात्मक असर डाल सकता है।

समय से पहले दिख सकती हैं झुर्रियां
त्वचा को मुलायम और लचीला बनाए रखने में कोलेजन और इलास्टिन की अहम भूमिका होती है। अधिक चीनी के सेवन से होने वाली ग्लाइकेशन प्रक्रिया इन प्रोटीन को नुकसान पहुंचा सकती है। इसके कारण त्वचा की लोच प्रभावित हो सकती है और समय के साथ महीन रेखाएं और झुर्रियां अधिक दिखाई देने लग सकती हैं। हालांकि, उम्र बढ़ना, धूप में रहना, धूम्रपान और जीवनशैली जैसे दूसरे कारण भी इसके लिए जिम्मेदार होते हैं।

नींद की गुणवत्ता हो सकती है प्रभावित
रात में अधिक मीठा खाने से कुछ लोगों की नींद प्रभावित हो सकती है। खासकर सोने से ठीक पहले चॉकलेट, मिठाई या मीठे पेय लेने से रक्त शर्करा में उतार-चढ़ाव हो सकता है। अच्छी नींद त्वचा की मरम्मत और शरीर की रिकवरी के लिए जरूरी है। अगर आपकी नींद नियमित रूप से पूरी नहीं होती, तो इसका असर चेहरे की थकान, आंखों के नीचे सूजन और त्वचा की रंगत पर दिखाई दे सकता है।

वजन बढ़ने और मेटाबॉलिक समस्याओं का खतरा
मीठी चीजों में अक्सर अतिरिक्त कैलोरी होती है। रात के खाने के बाद नियमित रूप से मिठाई या चॉकलेट खाने से दिनभर की कुल कैलोरी बढ़ सकती है। लंबे समय तक जरूरत से ज्यादा कैलोरी लेने से वजन बढ़ने का खतरा रहता है। इसके अलावा अधिक चीनी का सेवन इंसुलिन प्रतिरोध और अन्य मेटाबॉलिक समस्याओं से भी जुड़ा हुआ है।

रात में मीठा खाने की क्रेविंग को कैसे करें कंट्रोल?
1-अगर आपको रोजाना रात में मीठा खाने का मन करता है, तो कुछ आदतों में बदलाव करके इसे नियंत्रित किया जा सकता है।
2-रात का खाना संतुलित रखें। इसमें प्रोटीन, फाइबर और पर्याप्त मात्रा में सब्जियां शामिल करें।
3-खाने के बाद मिठाई की जगह थोड़ी मात्रा में ताजे फल खा सकते हैं।
4-दिनभर पर्याप्त पानी पिएं। कई बार प्यास को भी भूख समझ लिया जाता है।
5-सोने से ठीक पहले चॉकलेट, आइसक्रीम और अधिक चीनी वाले पेय लेने से बचें।
6-पर्याप्त नींद लें और सोने-जागने का समय नियमित रखें।
7-अगर मीठा खाने की इच्छा हो, तो इसकी मात्रा धीरे-धीरे कम करें।

क्या रात में मीठा खाना पूरी तरह बंद कर देना चाहिए?
जरूरी नहीं कि रात में मीठा खाने से हर व्यक्ति को त्वचा संबंधी परेशानी हो। कभी-कभार सीमित मात्रा में मिठाई खाने से आमतौर पर कोई बड़ी समस्या नहीं होती। असली चिंता रोजाना अधिक मात्रा में अतिरिक्त चीनी का सेवन करना है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, कुल दैनिक ऊर्जा का 10 प्रतिशत से कम हिस्सा मुक्त शर्करा से आना चाहिए। बेहतर स्वास्थ्य के लिए इसे 5 प्रतिशत से कम रखना भी फायदेमंद हो सकता है।

अगर आपको लगातार मीठा खाने की तीव्र इच्छा होती है या इसके साथ बहुत प्यास लगना, बार-बार पेशाब आना और अचानक वजन में बदलाव जैसे लक्षण दिखाई देते हैं, तो डॉक्टर से सलाह लें। जरूरत पड़ने पर रक्त शर्करा की जांच भी कराई जा सकती है।