कुमार इंदर, जबलपुर। संस्कारधानी जबलपुर में धोखाधड़ी के मामले में 5 साल की सजा काट रहे आरोपी अमित खंपरिया को अस्पताल में वीआईपी ट्रीटमेंट मिल रहा है. आरोपी को पुलिस ने 2 दिन पहले ही गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी के तुरंत बाद ही अमित सीने में दर्द का बहाना बनाकर अस्पताल में भर्ती हो गया, जहां पर अमित को मोबाइल चलाते और चहल कदमी करते हुए देखा गया है. बता दें कि आरोपी अमित खंपरिया को 5 साल की सजा सुनाई गई थी. तब से ही आरोपी अमित फरार चल रहा था. 

सीने में दर्द होने की शिकायत के बाद आरोपी अमित खंपरिया को मेडिकल के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. जहां पर उसे वीआईपी ट्रीटमेंट दिया जा रहा है. आरोपी की फोन पर बात करते हुए तस्वीरें वायरल हुई है. जिससे पुलिस प्रशासन पर सवाल खड़े हो रहे हैं. एएसपी क्राइम गोपाल खांडेल का कहना है कि मामले की जांच की जाएगी. उसके बाद आगे की कार्रवाई करेंगे.

अमित की सुरक्षा में लगे एसआई की हुई मौत

वहीं हाल में ही अमित खंपरिया की सुरक्षा में मेडिकल कॉलेज अस्पताल में तैनात एक एएसआई की हार्ट अटैक से मौत हो गई है. अब आरोपी अमित की मोबाइल पर बात करते हुए फोटो वायरल होने और वीआईपी सुविधाएं मिलने के बाद एएसआई की मौत पर भी कई सवाल उठ रहे हैं.

क्या है पूरा मामला ?

बता दें कि 2011-12 में टोल का ठेका चलाने वाले संजीवनी नगर जबलपुर निवासी अमित खम्परिया, उमेश पांडेय, अनिरुद्ध सिंह, रामजी दिवेदी और दशरथ तिवारी ने अपने कर्मचारियों रज्जन ठाकुर, अमित पांडेय, श्रीकांत शुक्ला शनि ठाकुर और अजय वाल्मीक को वसूली के लिए नियुक्त किया गया था. इन सभी आरोपियों ने साजिश के तहत कान्हा टाइगर रिज़र्व में आने वाले लोगों से दो से तीन गुना तक कर वसूली की और मार्कर का उपयोग कर रसीदों में भी छेड़छाड़ कर काली शाही से कूटरचित रसीदे बनाई. इस प्रकरण में लंबी सुनवाई के बाद नैनपुर अपर सत्र न्यायालय ने आरोपियों को दोषी पाया और सजा सुनाई थी.

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