Jaipur Ghee Factory Raid: जयपुर के चौमूं क्षेत्र के जैतपुरा में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने एक डेयरी प्रोडक्ट्स फैक्ट्री पर कार्रवाई कर करीब 35 हजार लीटर घी बरामद किया है। फैक्ट्री में सात अलग-अलग ब्रांड के नाम से घी की पैकिंग की जा रही थी। निरीक्षण के दौरान संदिग्ध फ्लेवर और कई अनियमितताएं भी मिलीं। इसके बाद टीम ने पूरी फैक्ट्री को सीज कर दिया। घी और फ्लेवर के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।

सीएमएचओ फर्स्ट डॉ. रवि शेखावत के मुताबिक, फैक्ट्री में राजस्थान सरस, डेयरी ब्रदर्स, श्री किरण सरस, माटुला, चॉइस डेयरी, रघु श्री और गणक नाम से घी की पैकिंग होती मिली। मौके पर तैयार घी के साथ बड़ी मात्रा में भंडारण भी पाया गया। बड़े साइलो में हजारों लीटर घी पैकिंग के लिए रखा हुआ था।
सात ब्रांड के नाम से हो रही थी घी की पैकिंग
खाद्य सुरक्षा टीम को फैक्ट्री में अलग-अलग आकार के पैक मिले। इनमें 200 एमएल, 500 एमएल, एक लीटर, दो लीटर, पांच लीटर और 15 लीटर की पैकिंग शामिल है। टीम ने सातों ब्रांड की पैकेजिंग, लेबलिंग और निर्माण से जुड़े दस्तावेजों की जांच शुरू की है। साथ ही ब्रांड नामों के इस्तेमाल की वैधता भी जांच के दायरे में है।
निरीक्षण के दौरान फैक्ट्री परिसर में खाद्य लाइसेंस प्रदर्शित नहीं मिला। मौके पर मिली अनियमितताओं के आधार पर निर्माण और पैकेजिंग इकाई समेत पूरी फैक्ट्री को सीज कर दिया गया।
सफाई के केमिकल के नाम पर रखा था संदिग्ध फ्लेवर
कार्रवाई के दौरान फैक्ट्री परिसर से संदिग्ध फ्लेवर भी बरामद हुआ। अधिकारियों के अनुसार, इसे कथित तौर पर सफाई में इस्तेमाल होने वाले केमिकल के नाम पर छिपाकर रखा गया था। टीम ने इसके नमूने भी जांच के लिए लिए हैं।
घी में कृत्रिम सुगंध के संभावित इस्तेमाल और मिलावट की आशंका को देखते हुए कच्चे माल, निर्माण प्रक्रिया और संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है। हालांकि, घी की गुणवत्ता और फ्लेवर के इस्तेमाल को लेकर अंतिम स्थिति प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
तड़के 3:30 बजे मोरीजा और चीथवाड़ी में भी छापेमारी
इसी अभियान के तहत जयपुर प्रथम की खाद्य सुरक्षा टीम ने चौमूं क्षेत्र के मोरीजा और चीथवाड़ी में भी तड़के 3:30 बजे औचक निरीक्षण किया। टीम ने डेयरी और मावा निर्माण इकाइयों के साथ गोदामों की जांच की।
एक निजी प्रतिष्ठान में पाउडर से मावा तैयार किए जाने की प्रक्रिया भी जांच के दायरे में आई। अधिकारियों ने दूध प्रोसेसिंग, मावा बनाने की प्रक्रिया, साफ-सफाई, कच्चे माल की गुणवत्ता और भंडारण व्यवस्था का निरीक्षण किया।
घी, दूध और मावा के नमूने जांच के लिए भेजे
खाद्य सुरक्षा टीम ने अलग-अलग प्रतिष्ठानों से घी, फ्लेवर, मावा और दूध के प्रवर्तन तथा सर्विलांस नमूने लिए हैं। इन्हें प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया है। खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार, लैब रिपोर्ट और संबंधित दस्तावेजों के सत्यापन के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल जांच रिपोर्ट का इंतजार है।
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