Jaipur Coaching News: राजस्थान की राजधानी जयपुर में जेडीए और कोचिंग संस्थानों के बीच विवाद बढ़ गया है। गोपालपुरा बाईपास स्थित कई कोचिंग संस्थानों को जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए 1 से 7 दिन के भीतर संस्थान बंद करने का नोटिस दिया है।
इसके विरोध में 20 अगस्त को 200 से ज्यादा कोचिंग संस्थान हड़ताल पर रहे। व्यापारियों और बिल्डिंग मालिकों के संगठनों ने भी हड़ताल का समर्थन किया। इसी बीच JDA ने कार्रवाई तेज करते हुए एक कोचिंग सेंटर को सीज कर दिया है और अन्य संस्थानों की जांच जारी है।

JDA ने 1 से 7 दिन में संस्थान बंद करने को कहा
JDA ने 19 अगस्त को गोपालपुरा बाईपास के कोचिंग संस्थानों को नोटिस जारी किया। इसमें सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए संस्थानों को 1 से 7 दिन के भीतर संचालन बंद करने के लिए कहा गया है। नोटिस में JDA ने कहा है कि संबंधित कोचिंग संस्थानों को इससे पहले 21 जुलाई को भी नोटिस दिया गया था। इसके बावजूद संस्थानों ने संचालन बंद नहीं किया।
नोटिस मिलने के बाद कोचिंग संचालकों में नाराजगी बढ़ गई। कोचिंग एसोसिएशन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कार्रवाई का विरोध किया और हड़ताल का ऐलान किया।
हड़ताल के बावजूद एक कोचिंग सेंटर सीज
JDA के नोटिस के विरोध में 20 अगस्त को गोपालपुरा बाईपास पर 200 से ज्यादा कोचिंग संस्थान बंद रहे। राजस्थान कोचिंग इंस्टीट्यूट एसोसिएशन के आह्वान पर लाइब्रेरी और स्टडी हॉल भी बंद रखे गए। हालांकि, हड़ताल के बीच JDA ने अपनी कार्रवाई जारी रखी। JDA की टीम ने अब तक एक कोचिंग सेंटर को सीज किया है। इसके अलावा अन्य कोचिंग संस्थानों की भी जांच की जा रही है। कार्रवाई के बाद कोचिंग संचालकों में चिंता बढ़ गई है। वहीं JDA की ओर से क्षेत्र में जांच और कार्रवाई का सिलसिला जारी है।
व्यापारियों और बिल्डिंग मालिकों ने दिया समर्थन
कोचिंग संस्थानों की हड़ताल को स्थानीय व्यापार मंडल और बिल्डिंग मालिक एसोसिएशन का भी समर्थन मिला है। संस्थानों का कहना है कि JDA की कार्रवाई से सिर्फ कोचिंग कारोबार ही प्रभावित नहीं होगा, बल्कि इससे जुड़े दूसरे कारोबार और किराये पर भवन देने वाले मालिक भी प्रभावित होंगे।
कोचिंग एसोसिएशन ने उठाए ये सवाल
राजस्थान कोचिंग इंस्टीट्यूट एसोसिएशन का दावा है कि JDA ने 5 जुलाई 2021 और 26 जुलाई 2022 को 160 फीट सड़क वाले क्षेत्र को कोचिंग गतिविधियों के लिए अधिसूचित किया था। एसोसिएशन के मुताबिक, वर्ष 2022 के स्पेशल प्रोजेक्ट डेवलपमेंट प्लान में भी इस पूरे क्षेत्र को कोचिंग हब के रूप में विकसित करने का प्रावधान किया गया था।
इसी आधार पर कोचिंग संस्थानों ने राज्य सरकार से मांग की है कि सुप्रीम कोर्ट में होने वाली आगामी सुनवाई के दौरान एडवोकेट जनरल के जरिए इस मामले में मजबूती से पक्ष रखा जाए।
हाईकोर्ट जाने की तैयारी
कोचिंग एसोसिएशन ने मामले को कानूनी तौर पर हाईकोर्ट ले जाने की तैयारी भी शुरू कर दी है। एसोसिएशन ने JDA से कार्रवाई और सीलिंग पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। फिलहाल एक तरफ कोचिंग संस्थान कार्रवाई के विरोध में लामबंद हैं, वहीं JDA की ओर से नोटिस के बाद जांच और सीलिंग की कार्रवाई जारी है।
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